हल्द्वानी। ठंड के मौसम में हाथों और पैरों की उंगलियों का लाल या नीला पड़ना आम समस्या है। यह दिक्कत तब होती है जब ठंड के संपर्क में आने से शरीर की रक्त नलियां अचानक सिकुड़ जाती हैं और रक्त का प्रवाह प्रभावित होने लगता है। इसके कारण उंगलियों के रंग में बदलाव, सूजन, जलन या हल्की खुजली भी महसूस होने लगती है।
सुशीला तिवारी हॉस्पिटल में रोजाना 5-6 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का यह भी कहना है कि कुछ मरीजों में अंदरूनी बीमारियाँ जैसे रेनॉड रोग और त्वचा सख्त होने वाली बीमारी (सिस्टेमिक स्क्लेरोसिस) भी हो सकती हैं। इन बीमारियों में उंगलियों में खिंचाव और ठंड लगते ही रंग बदलने की समस्या और अधिक बढ़ जाती है।
चिकित्सकों के सुझाव
-मरीजों को ठंड के सीधे संपर्क से बचना चाहिए।
-हाथ-पैरों में गर्म ऊनी दस्ताने और मोजे पहनें।
-ठंडे पानी से दूर रहें, गर्म पानी का उपयोग करें।
-हाथ-पैर कुछ देर तक गुनगुने पानी में रखने से रक्त प्रवाह बेहतर होगा।
-ठंड से बचाव करने पर भी सुधार न दिखे तो डॉक्टर की सलाह लें।
यह परेशानी हर साल ठंड बढ़ते ही शुरू हो जाती है। इसलिए जिन मरीजों को यह समस्या पहले हो चुकी है, उन्हें आने वाले मौसम में पहले से ही सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि हाथ-पैरों की उंगलियों में सूजन, लाल-नीला रंग और दर्द जैसी दिक्कतों से बचा जा सके। डॉ. सौरभ अग्रवाल, त्वचा रोग विशेषज्ञ, सुशीला तिवारी हॉस्पिटल।