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प्यारा सजा है मां दरबार तेरा...

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नैनीताल। मां नंदा सुनंदा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भक्तों ने मंगलवार तड़के तीन बजे से मां के दर्शन किए। इसी बीच एक व्यक्ति माता को चढ़ाने के लिए बकरा लेकर पहुंचा तो पुलिस ने उसे रास्ते से ही लौटा दिया।
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बता दें नैनीताल में 119वें मां नंदा देवी महोत्सव के तहत सजी मां नंदा और सुनंदा की मूर्ति के दर्शनों के लिए दिनभर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। इससे पूर्व मंगलवार को मंदिर परिसर में ब्रह्म मुहूर्त में आचार्य भगवती प्रसाद जोशी के नेतृत्व में मां नंदा व सुनंदा की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इस दौरान यजमान के रूप में पुष्पा जगाती-संतोष जगाती और भारती साह व विमल साह शामिल रहे। बाद मूर्तियों को भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिया गया। इस बीच सुबह से शाम तक नगर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के भक्त नैनीताल पहुंचे। पर्यटक भक्तजनों ने भी लाइन में खड़े होकर मां नंदा व सुनंदा के दर्शन किए। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा।
दिनभर चले कार्यक्रमों को सफल बनाने में सभा के अध्यक्ष मनोज साह, जगदीश चंद्र बवाडी, विमल चौधरी, विमल साह, राजेंद्र बजेठा, गिरीश जोशी, मुकेश जोशी, राजेंद्र लाल साह, देवेंद्र लाल साह, मुकुल जोशी, किशन सिंह नेगी, कमलेश ढौडियाल, भीम सिंह कार्की, भूपेंद्र सिंह बिष्ट, आशुबोरा, गोपाल सिंह रावत, कैलाश जोशी, मिथिलेश पांडे, हिमांशु जोशी, उमेश जोशी, केसी उपाध्याय, अनिल बिनवाल, भारत जोशी, सुमन साह, डॉ. सरस्वती खेतवाल, ममता रावत, मुन्नी तिवारी, शांति मेहरा, मोनिका साह, प्रदीप साह, दीपक गुर्रानी, घनश्याम लाल साह, भुवन नेगी, नरेश चमियाल, राहुल, प्रो. ललित तिवारी आदि जुटे रहे।
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बकरे को लेकर पहुंचे लोगों को पुलिस ने रोका
नैनीताल। नंदाष्टमी में बकरों की बलि देने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। महोत्सव के तहत बलि प्रथा पर पूरी तरह से रोक के बाद भी सुबह मंदिर परिसर में कुछ लोग बकरा लेकर पहुंचे, जिन्हें पुलिस प्रशासन ने मंदिर के गेट से पहले ही रोक लिया और वापस भेज दिया।
पांच जिलों के श्रद्धालुओं ने टीवी में मां के दर्शन किए
नैनीताल। भले ही कोरोना संक्रमण के चलते इस वर्ष भव्य रूप में मां नंदा सुनंदा महोत्सव नहीं मनाया जा रहा है लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास मां नंदा सुनंदा के प्रति नहीं डगमगाती।
मंगलवार को नयना देवी मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। वहीं दूसरी ओर पांच जिलों के भक्तों ने मां के दर्शन कर आशीर्वाद टीवी पर ही लिया। साथ ही शाम तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालु यू ट्यूब पर लाइव मां के दर्शन कर चुके थे। कोरोना संक्रमण के चलते सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है। साथ की आयोजक संस्था ने नगर के साथ ही बाहरी जिलों के भक्तों के लिए यू ट्यूब और टीवी के माध्यम से ऑनलाइन प्रसारण की व्यवस्था की है ताकि सभी भक्त मां नंदा सुनंदा के दर्शन कर सके। एक चैनल के कर्मी दीपक बिष्ट ने बताया कि उनके चैनल के माध्यम से नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली और यूएस नगर में भक्तों ने टीवी में मां का आशीर्वाद लिया।
पांच जगह लगाई गई टीवी स्क्रीन
नैनीताल। मां के दर्शन के लिए नगर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर टीवी स्क्रीन लगाएं गए हैं, जिन पर भक्त मां नंदा सुनंदा महोत्सव का लाइव प्रसारण देख रहे हैं। टीवी स्क्रीन मल्लीताल गुुरुद्वारेेेे के पास, रिक्शा स्टैंड के पास, राम सेवक सभा, तल्लीताल डांठ और बाजार में लगाई गई हैं।
भवाली में भी भक्तों ने की पूजा अर्चना
भवाली (नैनीताल)। नगर में सोमवार देर रात तक मां नंदा-सुनंदा की मूर्ति का निर्माण कार्य किया गया। वहीं मंगलवार सुबह पुरोहित रविशंकर जोशी ने प्राण प्रतिष्ठा की। इसके बाद भक्तों ने मां नंदा-सुनंदा के दर्शन कर पूजा अर्चना की।
पुरोहित रविशंकर जोशी, इंदर कपिल और दीपक कपिल की देखरेख में भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। यजमान मनीष साह-कंचन साह, कंचन बेलवाल-रुचि बेलवाल और गिरीश लोशाली-गीता लोशाली ने हवन यज्ञ किया। मंदिर में भक्तों की टोली ने सुंदरकांड और भजन कीर्तन के साथ शाम पांच बजे महाआरती की। वहीं रात 12 बजे माता को भोग लगाया गया।
कमेटी के उपाध्यक्ष कंचन बेलवाल और महासचिव मनीष साह ने बताया कि सोमवार देर रात तक मूर्ति निर्माण किया गया। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा कर मंदिर में मूर्ति को दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद भक्तों को कोविड नियमों के तहत मां के दर्शन किए। बताया कि 17 सितंबर को मां नंदा-सुनंदा के डोले के साथ गणेश जी के डोले को भी भ्रमण कराकर विसर्जन किया जाएगा।
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इस दौरान एलडी पालीवाल, प्रशांत जोशी, नरेश पांडे, धीरज जोशी, रमेश भट्ट आदि मौजूद रहे।
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