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Lok Sabha Election 2024: जानिए...ये हैं उत्तराखंड के सबसे उम्रदराज मतदाता, उम्र जान चौंक जाएंगे

Tue, 16 Apr 2024 02:38 PM IST
हीरा मेहरा चंद्रेश पांडे, संवाद

सार

Election 2024: स्वामी परमानंद पुरी का दावा है कि उत्तराखंड तो क्या पूरी दुनिया में उनके बराबर उम्र का कोई भी व्यक्ति नहीं है। वह कहते हैं कि संयमित जीवन, अनुशासन और खानपान ही उनकी लंबी उम्र का राज है। 
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स्वामी परमानंद पुरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची में कई मतदाता शतकवीर हैं लेकिन स्वामी परमानंद पुरी ऐसे इकलौते मतदाता हैं जिनकी उम्र 135 वर्ष है। स्वामी परमानंद पुरी का दावा है कि उत्तराखंड तो क्या पूरी दुनिया में उनके बराबर उम्र का कोई भी व्यक्ति नहीं है। वह कहते हैं कि संयमित जीवन, अनुशासन और खानपान ही उनकी लंबी उम्र का राज है। सोमवार को अमर उजाला ने सबसे उम्रदराज मतदाता से कई मुद्दों पर बातचीत की। पेश है उनसे बातचीत के कुछ अंश...

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प्रश्न 1-  मतदाता सूची के मुताबिक आप सबसे अधिक उम्र (135) के मतदाता हैं। इस उम्र को कैसे प्रमाणित करेंगे?
उत्तर- मेरे पास अपनी वोटर आईडी है, जिसे निर्वाचन आयोग ने जारी किया है। (वोटर आईडी में 01-01-2013 को उनकी उम्र 124 वर्ष दर्शाई गई है। मतदाता सूची में उनका ईपीआईसी नंबर एपीजी022676, नाम स्वामी परमानंद पुरी उम्र 135 साल, पिता का नाम स्वामी विशुआनंद 57 भीमताल पार्ट नंबर 9, पार्ट सीरियल नंबर 346 सेक्शन नंबर 1 गुनियालेख दर्ज है।)

प्रश्न 2- जन्म और शिक्षा दीक्षा कहां से हुई?
उत्तर- समूची शिक्षा लंदन में हुई। वर्ष 1919 में लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एमडी-एमएस करने के बाद मैं भारत आ गया और वर्ष 1920 में स्वास्थ्य विभाग में नैनीताल में जिला स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। दस साल तक नौकरी करने के बाद 1930 में सांसारिक माया मोह को छोड़कर संन्यास ले लिया और तभी से संत का जीवन व्यतीत कर रहा हूं। 
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प्रश्न 3- लंबी उम्र का राज क्या है और आपकी दिनचर्या क्या रहती है? 
उत्तर- संयमित जीवन, सादा भोजन, कार्य के प्रति समर्पण और अनुशासन ही मेरी लंबी उम्र का राज है। रोजाना सुबह दो बजे उठ जाता हूं। तीन बजे तक नित्यकर्म करने के बाद सुबह आठ बजे तक ईश्वर का ध्यान करता हूं। हिंदी और अंग्रेजी के अखबारों को पढ़ने के साथ-साथ आने वाले भक्तों से मिलता हूं। दोपहर में भोजन के बाद कुछ देर आराम करता हूं। रात में साढ़े दस बजे सो जाता हूं। प्रत्येक व्यक्ति को ईश्वर का स्मरण, सद विचार, सदमार्ग, दया धर्म का पालन करना चाहिए और जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए।

प्रश्न 4- घर से मतदान आपने किया क्या? 
उत्तर- इस बार आवास से बाहर रहने की वजह से घर बैठे मतदान की सुविधा नहीं उठा पाया हूं। पोलिंग बूथ पर जाकर मतदान करने का मौका अभी है। शहर में रहा तो मतदान जरूर करूंगा। (कुछ साल पहले तक स्वामी परमानंद पुरी धारी तहसील के पलड़ा (गुनियालेख) क्षेत्र में स्थित एक गुफा में रहते थे। हाल के वर्षों में वह यहां नैनीताल रोड स्थित अपने भक्त राजीव विनायक के यहां रहने लगे।)

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102 वर्ष की आयु में वोट देने को तैयार हैं नवाब जान
गदरपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम लखनऊ निवासी करीब 102 वर्षीय नवाब जान मतदान के लिए उत्सुक हैं। सन 1923 में ग्राम डूंढई थाना शहजादनगर जिला रामपुर में जन्मे नवाब जान 62 वर्ष की उम्र में गदरपुर के ग्राम लखनऊ में आकर बस गए। पहले और आज के मतदान को लेकर उनका कहना है कि समय के साथ सब बदलता जा रहा है। नवाब जान के परिवार में चार बेटे और तीन बेटियां हैं। चौथी पीढ़ी देख रहे नवाब जान के दो पोते उत्तराखंड पुलिस में तो एक पोता सेना में है। उन्होंने बताया कि पहले चुनाव का शोर नहीं होता था।

आपातकाल के बाद इंदिरा गांधी को जेल भेजा गया तो उनके समर्थन में वह 13 दिन रामपुर जेल में भी बंद रहे थे। नवाब जान कई चुनावों में मतदान कर चुके है। इस बार भी वो मतदान करने के लिए उत्सुक हैं। वह बताते हैं सीएम रहते नारायण दत्त तिवारी ने तराई को बसाने में अहम भूमिका का निर्वाह किया था। उन्होंने बताया ग्राम लखनऊ में सबसे पहले बिजली लगाने का काम नारायण दत्त तिवारी ने किया था। उम्र का शतक पार कर चुके नवाब जान की याददाश्त कमजोर होती जा रही है। स्वास्थ्य कारणों से थोड़ा असहज हैं, लेकिन मतदान करने के लिए तैयार हैं। 
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