हल्द्वानी। अप्रैल महीने से ही भीषण गर्मी शुरू हो गई है। अब लगातार तापमान बढ़ने से दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गर्मियों के मौसम में डिहाइड्रेशन, पीलिया, टायफॉयड, फूड प्वाइजनिंग के अलावा त्वचा संबंधी रोग आमतौर पर देखने को मिलते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरे से खाली नहीं है। खुद की सेहत के साथ बच्चों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. नीलांबर भट्ट का कहना है कि इस मौसम में जितना हो सके साफ, उबले पानी का सेवन करना चाहिए। धूप में सिर, चेहरे और आंखों को ढककर रखना जरूरी है। बासी, खुला भोजन, बाहर का पानी सेहत को बिगाड़ सकता है। घर से निकलने से पहले ताजा भोजन और पानी पीकर निकलें। गर्मी में बच्चों की सेहत का भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
- फूड प्वॉइजनिंग...
लक्षण : पेट दर्द, जी मिचलाना, दस्त, बुखार और शरीर में दर्द। पेट मरोड़ के साथ दर्द, डायरिया, उल्टी जैसी समस्या।
बचाव : बासी और पुराना भोजन न खाएं। घर का बना ताजा खाना खाएं। बाहर की चीजें खाने से
भी परहेज करें। इसके अलाव सब्जियों को बनाने से पहले साफ पानी से धो लें।
-टायफॉयड...
लक्षण : तेज बुखार, भूख न लगना, पेट में तेज दर्द होना, कमजोरी महसूस होना।
बचाव : बाहर का दूषित खाना न खाएं और साफ पानी पीएं। टायफाइड से बचने के लिए वैक्सीन भी ली जा सकती है। खानपान का विशेष ख्याल रखें।
- पीलिया......
लक्षण : आंखें और नाखून पीले होने लगते हैं। पेशाब भी पीले रंग की होती है।
बचाव : दूषित पानी और दूषित खाना खाने से बचें। घर से साफ पानी लेकर जाएं और गर्मी में बाहर के खाने से बचें।
- डिहाइड्रेशन
लक्षण : चक्कर आना, कमजोरी, सिरदर्द, थकान, मुंह सूखना, होंठ और आंखें शुष्क होना और पेशाब का रंग गहरा होना।
बचाव : पानी की कमी दूर करें, मौसम में खूब पानी और जूस का सेवन करें।
बचाव के कुछ अन्य तरीके
- गर्मी के मौसम में पॉलिस्टर और नायलॉन के कपड़ों के बदले सूती और ढीले कपड़े पहनें। धूप में छतरी या टोपी का इस्तेमाल करें।
- घर पर कटे हुए फल ज्यादा देर तक न रखें। मच्छरों और मक्खियों को फल, भोजन के आसपास न फटकने दें।
- किसी भी तरह की समस्या या लक्षण दिखाई देने पर तुरंत कुशल चिकित्सक के पास जाकर उपचार कराएं।
- खसरा आदि से बचाव के लिए बच्चों का टीकाकरण जरूर कराएं।
- घर पर ओआरएस जरूर रखें।