नैनीताल। ग्रामीण महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भरता की राह दिखाने वाली चेष्टा संस्था की सुमन अधिकारी अब तक 7800 से अधिक महिलाओं को विभिन्न प्रशिक्षण दे चुकी हैं। वर्ष 2019 में प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित सुमन वर्ष 2004 से लगातार महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
सुमन का दावा है कि उन्होंने अब तक 650 से अधिक महिला समूहों का गठन कर उन्हें रोजगार से जोड़ा है। कहा कि महिलाओं की ओर से कैंडल, जूट बैग, ऐपण, फाइल फोल्डर और गिफ्ट आइटम जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। सरकारी विभागों से ऑर्डर दिलाकर इन उत्पादों की सीधी बिक्री सुनिश्चित की जाती है।
सुमन ने बताया कि 500 से अधिक महिलाओं को विभिन्न विधाओं में मास्टर ट्रेनर बनाया है जो अब अन्य महिलाओं को प्रशिक्षित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि नैनीताल के अलावा हल्द्वानी, भीमताल, रामगढ़, धारी और बेतालघाट क्षेत्रों में यह अभियान चलाया जा रहा है।
सुमन ने बताया कि प्रशिक्षण के साथ महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर सामाजिक रूप से मजबूत बनाने का कार्य भी किया जा रहा है। उनके इस सराहनीय योगदान के लिए उन्हें तीलू रौतेली पुरस्कार सहित कई अन्य सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं से सम्मानित किया जा चुका है।
नैनीताल। ग्रामीण महिलाओं को हुनर देकर उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह दिखा रहीं सुमन अधिकारी 7800 से अधिक महिलाओं को विभिन्न प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। वर्ष 2019 में तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित सुमन 2004 से महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में सक्रिय है और अब तक 650 से अधिक महिला समूह गठित कर चुकी हैं।
चेष्टा संस्था की सुमन का दावा है कि कहना है कि उनकी ओर से आयोजित प्रशिक्षण से महिलाएं कैंडल, जूट बैग, ऐपण, फाइल फोल्डर, गिफ्ट आइटम समेत कई उत्पाद तैयार कर रही हैं। सरकारी विभागों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए जूट बैग, फाइल फोल्डर, ऐपण और अन्य सामग्री के ऑर्डर भी महिला समूहों को दिलाए जाते हैं।
इससे उत्पादों की बिक्री का लाभ सीधे महिलाओं को मिलता है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। सुमन ने महिलाओं को सिर्फ प्रशिक्षण लेने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें प्रशिक्षक के रूप में भी तैयार किया। अब तक 500 से अधिक महिलाओं को अलग-अलग विधाओं में मास्टर ट्रेनर बनाया जा चुका है।
ये महिलाएं आगे अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ रही हैं। वर्तमान में नैनीताल के साथ हल्द्वानी, भीमताल, रामगढ़, धारी और बेतालघाट क्षेत्रों में महिला समूहों को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। साथ ही महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर सामाजिक रूप से मजबूत बनाने का कार्य भी जारी है। सुमन को तीलू रौतेली पुरस्कार के अलावा कई सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं से भी सम्मान मिल चुका है।