हल्द्वानी। 10 सूत्री मांगों के लंबित होने से नाराज उत्तराखंड राज्यकर मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन शाखा हल्द्वानी के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। आरोप लगाया कि पंजीकृत व्यापारियों की संख्या में वृद्धि के फलस्वरूप राज्य कर विभाग में कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक दबाव बना हुआ है। इस कारण कार्मिक मानसिक रूप से परेशान है। उन्होंने राज्य कर अधिकारियों की नयी नियमावली बनाने, अधिकारियों की समय से पदोन्नति, परित्याग नियमावली (फॉरगो) से विभाग को अवमुक्त करने, कार्मिकों के आवास आदि मांग करते हुए 17 अक्तूबर को विभाग के सभी कार्यालयों में एक घंटा गेट मीटिंग की चेतावनी दी।
अध्यक्ष कैलाश जोशी और शाखा मंत्री प्रमोद भंडारी के नेतृत्व में राजकीय काम-काज करते हुए सरकार और शासन के संरक्षणवादी रवैये के प्रति विरोध व्यक्त किया। कहा कि राज्य में कुल राजस्व प्राप्ति में राज्य कर विभाग स्वयं का राजस्व हिस्सा लगभग 50 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद भी कर्मचारियों के संरचनात्मक ढांचे का वर्ष 2006-07 के बाद से अब तक पुनर्गठन नहीं किया गया। कहा कि कर्मचारियों का अंतिम बार ढांचा वर्ष 2006 में स्वीकृत हुआ था और 20 साल से अपने संरचनात्मक ढांचे का पुनर्गठन के लिए संघर्षरत है। विरोध जताने वालों में प्रांतीय उपाध्यक्ष उमेश बिष्ट, प्रांतीय मंत्री अमिता सिंह, शाखा संरक्षक हरक सिंह मेटवाल, शाखा सलाहकार नवीन मिश्रा, देवेश फुलोरिया, देवेंद्र जोशी, मुकेश कुमार, ज्योति पंत, खुशाल पापड़ा समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।