हल्द्वानी। शिक्षका अर्जिता सेन ने सेवानिवृत्ति के बाद कोरोनाकाल में छह महिलाओं के साथ देवभूमि पिकल्स एंड फूड प्रोडक्ट से नाम से स्वरोजगार शुरू किया। गुणवत्तायुक्त उत्पादों के बल पर उनका समूह सालाना 15-20 लाख रुपये की आय कर रहा है।
अर्जिता ने यहां पर्वतीय उत्थान मंच में आयोजित हरेला मेले में स्टॉल लगाया है। उन्होंने बताया कि उन्हें सरकार की ओर से सरस और उद्यमिता मेले में फ्री में स्टाॅल मिलता है। अर्जिता के अनुसार उन्हें स्कूल के दिनों से ही खाना बनाने का शौक था। वह पहले से तरह-तरह के व्यंजन बनाती थी। वर्ष 2020 में सेवानिवृत्ति के बाद जब वह घर में रहने लगी तब उनके मन स्वरोजगार शुरू करने का विचार आया।
इसके बाद उन्होंने छह महिलाओं को अपने जोड़कर स्वयं सहायता समूह शुरू किया। उनके स्टॉल पर अचार, चटनी, मुरब्बा सहित पिथौरागढ़ के गांव में उगाई जाने वाली आर्गेनिक दालें भी उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि उनके स्टॉल की सबसे विशेष उत्पाद तीमूर की चटनी है, जो सब्जी, दाल, रोटी के साथ खा सकते हैं। संवाद