गोरापड़ाव में नया गेट खोलने के लिए जमकर खेल हुआ। प्रशासन, वन विभाग और वन निगम की संयुक्त टीम ने सर्वे कर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के लिए नया गेट खोलने को राजपुरा के पास जगह तय की थी, लेकिन इस सर्वे को ताक पर रखकर देहरादून स्थित वन निगम एमडी कार्यालय ने गोरापड़ाव के लिए नया गेट खोलने का फरमान जारी कर दिया। यह क्यों और किन ‘परिस्थितियों’ में किया गया होगा, इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।
गौलापार प्रस्तावित स्टेडियम निर्माण के लिए खनिज की आपूर्ति होनी है। इसके लिए नया गेट खोलने की योजना बनी। इसके बाद दो फरवरी को एसडीएम, आरएम वन निगम, एसडीओ गौला, वन निगम के लालकुआं, हल्द्वानी डीएलएम ने संयुक्त निरीक्षण किया था। इसके बाद एक रिपोर्ट तैयार की गई। इसमें नया गेट शीशमहल और राजपुरा गेट के बीच खोलने पर सहमति बनी। इसके लिए बाकायदा जीपीएस निर्देशांक तक पत्र रिपोर्ट में अंकित किया गया। इसके अलावा नए गेट के लिए खनन वाहनों के चक्करों की संख्या, मुख्य मार्ग पर प्रवेश नहीं करने समेत तमाम शर्त भी जोड़ी गई, पर इस सर्वे रिपोर्ट को ताक पर रखकर वन निगम एमडी श्रीकांत चंदोला का दो लाइन में एक पत्र जारी हुआ। इसमें राजपुरा की जगह गोरापड़ाव में गेट के पास ‘निकासी गेट’ खोलने की अनुमति प्रदान करने को कहा गया है।
कैशलैस सिस्टम लागू होना था
प्रस्तावित नए गेट के लिए डीएफओ कार्यालय से चार फरवरी को एक पत्र महाप्रबंधक कुमाऊं मंडल को भेजा गया। गेट पर तौल कांटा लगाने को कहा गया। इसके अलावा सभी भुगतान कैशलैस करने को कहा गया था।
बोलने से बच रहे अफसर
मामले को लेकर वन विभाग के अफसर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। बताया जा रहा है कि मामले के लिए सोमवार को एसडीएम की अध्यक्षता में एक बहु विभागीय मीटिंग होने जा रही है, जिसमें एक बार फिर से सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।