कमलुवागांजा से निकलने वाली 33 केवी लाइन और 11 केवी लाइन पर पेड़ की टहनी काटने के लिए चार दिन तक लगातार शटडाउन लिया गया, लेकिन एक भी दिन शटडाउन निर्धारित समयावधि में वापस नहीं हुआ। रविवार को तो हद ही हो गई, ग्रामीण क्षेत्र में नौ घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
लाइनों पर आ रही टहनी और यूकेलिप्टस के पेड़ कटवाने के लिए विभाग ने चार दिनों के शटडाउन का रोस्टर जारी किया था। सुबह दस बजे से दोपहर तीन बजे तक बिजली कटौती होनी थी, लेकिन एक दिन भी निर्धारित समयावधि में शटडाउन वापस नहीं हुआ। अधिकारी तर्क देते रहे कि 25 से 30 पेड़ काटने थे, इसलिए समय अधिक लग गया। पेड़ न काटने के स्थिति में आंधी पर बिजली सप्लाई ज्यादा समय के लिए ठप हो सकती थी। रविवार को तो सुबह दस बजते ही बिजली गुल हो गई और शाम को लगभग शाम सात बजे आपूर्ति बहाल हो सकी।
विभागीय कर्मियों का तर्क था कि ओवरलोड के कारण फीडर ट्रिप होने के कारण सप्लाई बाधित हो रही थी। शटडाउन के कारण दमुवाढूंगा, लालडांठ रोड, फतेहपुर, नारायण नगर, ऊंचापुल, कमलुवागांजा, भट्ट कालोनी, शिव पार्वती विहार, लामाचौड़ आदि क्षेत्रों में बिजली गुल रही। इस संबंध में बात करने के अधिशासी अभियंता ग्रामीण अमित आनंद और एसडीओ एचडी पुनेठा को फोन मिलाया मगर दोनों में से किसी भी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया।