समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी भरकम पुलिस महकमा बना है। पुलिस के ऊपर लोगों का इतना भरोसा रहता है कि वह अपनी हर छोटी-बड़ी चोरियों आदि अपराध में पुलिस से मदद मांगता नजर आता है, लेकिन जरा सोचिए यदि पुलिस वालों को ही ‘चोरी’ का डर सताए तो...। जी हां रामनगर की पुलिस का हाल तो कुछ ऐसा ही है। यहां के सिपाही अपने डंडे के ‘चोरी’ होने के डर से परेशान हैं। इनके डंडे को ‘चुराने’ वाले भी कोई और नहीं बल्कि इन्हीं के अपने साथी है। अब ये लोग अपनी समस्या आखिर किससे कहें? तो हल भी इन सिपाहियों ने खुद ही ढूंढ लिया है रंग-बिरंगा सेलो टेप डंडे पर लपेटकर।
रामनगर कोतवाली के किसी सिपाही की कभी टोपी गायब हो जाती है तो कभी किसी का डंडा। शहर के सिपाहियों के डंडों पर इन दिनों आपको नीले या सफेद रंग का सेलो टेप खूब लिपटा मिले तो समझ लीजिएगा कि उसे अपने डंडे के ‘चोरी’ होने का डर है। बृहस्पतिवार को ऐसा ही वाकया एसडीएम कोर्ट में देखने को मिला। जब संबंधित सिपाही से पूछा गया कि ये रंग-बिरंगे सेलो टेप डंडे पर क्यों लगाए हैं तो तपाक से सिपाही का जवाब मिला चोरी हो जाता है भाई। इसलिए ऐसा करना पड़ता है। अब अपना डंडा किसी और साथी के पास देखो तो मांगों भी कैसे। इसलिए रंग-बिरंगा सेलो टेप लगाकर निशानी बना ली है।
मैंने नीला सेलो टेप लपेटा है तो किसी ने सफेद सेलो टेप। इस सिपाही को दास्तां सुनाते देख दूसरे सिपाही से भी नहीं रहा गया और उसका दर्द भी जुबां पर आ गया, मेरी तो दो-दो टोपियां चोरी हो चुकी हैं। उनकी खोज आज भी कर रहा हूं, लेकिन अभी एक भी नहीं मिली है। जरा सोचिए! इन सिपाहियों की भी कितनी अजीब समस्या है। हंसी भी आती है कि पुलिस वालों को अपने ही साथियों से डंडे या टोपी चोरी होने का इतना डर है कि अजीबोगरीब तरीके अपना रहे हैं।