आईटीबीपी सिपाही विमला की हत्या के मामले में देहरादून प्रयोगशाला से डीएनए और अन्य रिपोर्ट आ गई है। इसी आधार पर कोतवाली पुलिस ने सिपाही के प्रेमी के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है। शीघ्र ही चार्जशीट अदालत भेजी जाएगी।
धारचूला निवासी केशर सिंह की पुत्री विमला बिष्ट मध्यप्रदेश के शिवपुरी में आईटीबीपी की नौकरी ज्वाइन करने के बाद 22 जनवरी को हल्द्वानी आई थी। वह हल्द्वानी के आवास विकास कालोनी में रहने वाले अपने भाई के आवास में सामान रखने के बाद प्रेमी नवीन धोनी से मिलने के लिए वैलेजली लॉज चली गई। प्रेमी को शक था कि विमला किसी और को चाहने लगी है।
बेवफाई के शक में उसने विमला की अपने कमरे में चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी। इसके बाद हत्यारोपी प्रेमी ने कोतवाली थाने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने प्रेमी को आईटीबीपी कांस्टेबल विमला की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से खून से सना चाकू और अन्य सामान बरामद किया। कोतवाली पुलिस ने मौके से बरामद खून, चाकू सहित अन्य सामान का डीएनए टेस्ट कराने के लिए चंडीगढ़, दिल्ली और देहरादून प्रयोगशाला का चक्कर लगाया।
अंत में देहरादून प्रयोगशाला ने डीएनए और अन्य रिपोर्ट परीक्षण के बाद कोतवाली पुलिस को भेज दिया। इसी आधार पर हत्या के विवेचक एसएसआई इंदर सिंह राणा ने प्रेमी नवीन धोनी के खिलाफ चार्ज शीट लगाई। मामले में आईटीबीपी के अधिकारियों ने भी कोतवाल आरएस मेहता से मिलकर विमला की हत्या के मामले में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली थी। इस मामले में विभाग की तरफ से भी विमला के परिजनों को आईटीबीपी की तरफ से फंड दिया जाएगा।