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सीतावनी को पर्यटन और तीर्थ के रूप में करेंगे विकसित

Mon, 27 Apr 2015 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,रामनगर
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भगवान वाल्मीकि ने सीतावनी में रामायण ग्रंथ की रचना की, जो हमेशा प्रासंगिक रहेगी। मुख्यमंत्री रविवार सीतावनी में आयोजित सीतावनी दसवां श्रद्धा पर्व समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर और माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया गया।
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सीएम ने कहा कि सीतावनी वो पवित्र स्थान है, जहां मां सीता ने घोर तपस्या की थी तथा और लव और कुश को संस्कारवान एवं शिक्षित बनाया। उन्हाेंने कहा कि देवभूमि में अनेक तीर्थ स्थान है और सरकार का प्रयास है कि सीतावनी का यह क्षेत्र वाल्मीकि तीर्थ के रूप में पहचाना जाए। उन्होंने कहा कि सीतावनी वन में भगवान वाल्मीकि का मंदिर स्थापित करने और उसको पर्यटन एवं तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने के लिए वन विकास विभाग जल्द ही कार्य शुरू करेगा।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि स्वच्छकार समाज के लिए सरकार द्वारा अनेकों जनकल्याणकारी कार्यक्रम संचालित किए गए है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या के अनुपात को देखते हुए नगर निकायों में स्वच्छकारों की संख्या में वृद्धि के लिए कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच हजार की आबादी पर प्रत्येक ग्राम में एक स्वच्छक रखा जाएगा।
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सीएम रावत ने कहा कि जो स्वच्छक लंबे समय से सरकारी आवासों में रह रहे है, उन्हें स्थायी रूप से उनके नाम आवंटित करने के लिए समाज कल्याण सचिव को योजना बनाने के आदेश दे दिए हैं। स्वच्छकारों के प्रतिभावान बच्चों की शिक्षा के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है और उनकी पढ़ाई के लिए दो आवासीय विद्यालयों की स्थापना भी की जा रही है।

कार्यक्रम में प्रदेश सह प्रभारी एवं विधायक संजय कपूर, संसदीय सचिव सरिता आर्य, अध्यक्ष आपदा प्रबंधन प्रयाग भट्ट, पूर्व सांसद महेंद्र पाल, मुख्यमंत्री सलाहकार संजय चौधरी, ब्लाक प्रमुख संजय नेगी, मिक्की कपूर, मारुति साह, विजय सुखीजा, खष्टी बिष्ट, परवेज अहमद के अलावा वाल्मीकि समाज के अध्यक्ष भीम अनार्य, सुरेश दिवांकर, श्याम लाल, रामअवतार राजौर, अश्विन, रामकुमार, भरत पाल, अर्जुन अनार्य के साथ ही डीएम दीपक रावत, एसएसपी सेंथिल अबुदई, एडीएम एसएस जंगपागी, बीएल पीरमाल, सीडीओ ललित मोहन रयाल, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं परमजीत सिंह, डीएफओ रामनगर वन प्रभाग कहकशां नसीम, डीएफओ तराई राहुल के साथ बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग मौजूद थे।

मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन
रामनगर। रविवार को मुख्यमंत्री के सीतावनी पहुंचने पर कई लोगों ने उन्हें ज्ञापन सौंपे। सांवल्दे के ग्रामीणों ने सीटीआर प्रशासन द्वारा सात ग्रामीणों पर लगे झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग की। इस दौरान नंदाबल्लभ बेलवाल, भगवान सिंह बिष्ट, दिनेश लोहनी, नवीन तिवारी, मनोज बेलवाल, गणेश पंत, प्रवीन राय, हेमंत बेलवाल आदि थे।

भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के लोगों ने सीएम को ज्ञापन सौंपकर सीतावनी में पार्क निर्माण, सड़कों का निर्माण और वाल्मीकि मंदिर तक जाने वाली पहाड़ी पर सड़क निर्माण, नगर निगम, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में नियुक्ति हेल्थ मैनुअल के आधार पर करने और संविदा कर्मियों को स्थायी करने, पंचायत राज विभाग में उत्तर प्रदेश की तरह सफाई कर्मियों की भर्ती करने, पंजाब और हरियाणा की तर्ज पर अलग आरक्षण के साथ ही नगरपालिका की भूमि, सरकारी भूमि पर रह रहे वाल्मीकियों को मालिकाना हक देने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय महामंत्री सुरेश देवांतक, वीर जयप्रकाश डागोरी, वीर राकेश दानव, वीर राकेश दानव, वीर हरपाल आदिवासी, वीर औमपाल चंवर समेत कई मौजूद थे। 
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