उन्होंने बताया कि इस माह मुंबई के कोक स्टूडियो में होने वाले लाइव म्यूजिक शो में वह बागेश्वर जिले की लोक गायिका कमला देवी के साथ उत्तराखंड के लोक गीतों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएंगे। बताया कि उनका छोटा भाई अंकित सिंह भी उभरता हुआ गीतकार और कंपोजर है। वह भी कोक स्टूडियो में उनकी टीम के साथ है। बताया उनका और उनके परिवार का ओखलकांडा आना जाना लगा रहता है।
मां से मिली गाने की प्रेरणा
दिग-वी ने बताया कि उनकी मां चंद्रा पडियार भी लोक गायिका हैं। बचपन से ही घर में मां से पहाड़ के लोक गीत सुनने को मिले और वहीं से उन्हें गायन की प्रेरणा मिली। बताया घर में गोपाल बाबू गोस्वामी के गीत खूब बजते थे। उन्होंने बताया कि लाॅक डाउन के दौरान उन्होंने एक बार रुकसार मोती गीत गाया जो खूब वायरल हुआ और यहीं से उनका लोक गीत गाने का सफर शुरू हुआ।