रामनगर। रामनगर के कोसी बैराज में दशकों से जम रहा सिल्ट (आरबीएम) सिंचाई विभाग के लिए सिर दर्द बनता जा रहा है। सिल्ट से कोसी बैराज कमजोर हो रहा है। पिछले साल न्यूनीकरण की बैठक में सिल्ट हटाने का प्रस्ताव निरस्त होने के बाद अब विभाग ने अब वन विभाग से सिल्ट हटाने की मांग की है।
रामनगर भाबर क्षेत्र के कृषकों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने व तुमड़िया डैम की आपूर्ति करने के उद्देश्य से 1972 कोसी नदी पर बैराज का निर्माण कराया गया था। लेकिन कोसी नदी में हर साल आने वाली बाढ़ से यहां से लगातार सिल्ट जमा हो रही है। इसके चलते बैराज का वॉटर लेवल कम हो गया है। पानी का बहाव निकासी के गेटों के ऊपर तक है। तेज बाढ़ आने की स्थिति में बैराज गिरने की संभावना भी अधिक है। सिंचाई विभाग ने पिछले साल सिल्ट हटाने के लिए आपदा न्यूनीकरण को चार करोड़ 90 लाख रुपए का प्रस्ताव भेजा था। न्यूनीकरण की बैठक में इसका प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया था। चूंकि बैराज की जगह वन विभाग की है, लिहाजा अब सिंचाई विभाग ने वन विभाग से सिल्ट हटाने की मांग की है।
विगत वर्ष न्यूनीकरण की बैठक में सिल्ट हटाने का प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया था। अब वन विभाग की ओर से वन विभाग को पत्र भेजकर इसे हटाने की मांग की गई है।
- अमित कुमार गुप्ता, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग रामनगर