शिमला के कुफरी चिड़ियाघर से लाई गई रंग-बिरंगी चीर फीजेंट इन दिनों नैनीताल चिड़ियाघर में न केवल देशी विदेशी पर्यटकों, बल्कि स्कूली बच्चों के आकर्षण का केंद्र भी बनी हुई हैं। जू प्रबंधन की ओर से वन्य प्राणियों में प्रेमभाव उत्पन्न करने के मकसद से चलाई गई वन्यजीव अंगीकरण योजना के तहत 11 में 5 चीर फीजेंट को पशु प्रेमियों की ओर से एक वर्ष के लिए अंगीकृत किया गया है।
समुद्र सतह से 1800-3500 मीटर की ऊंचाई पर पाए जाने वाले चीर फीजेंट के दो जोड़ों को नवंबर 2009 में कुफरी जू से नैनीताल लाया गया। इसके बाद उन्हें यहां के प्राकृतिक वातावरण में ढालने के लिए जू के क्वैरनटाइन वार्ड में रखा गया। 23 फरवरी 2010 को उसे जू में लोगों के देखने के लिए रखा गया।
21 मार्च 2016 को कुफरी जू से ही दो जोड़े चीर फीजेंट के ओर नैनीताल लाए गए। वर्तमान में जू में 11 चीर फीजेंट हैं। इसमें सात मादा और चार नर चीर फीजेंट हैं। जू के वरिष्ठ वन्यजीव विशेषज्ञ डा. योगेश भारद्वाज की मानें तो वर्तमान में चीर फीजेंट का ब्रीडिंग सीजन चल रहा है कुछ मादा चीर फीजेंट ने अंडे दिए हैं, वह उनकी हैचिंग कर रही हैं। जून अंत तक इनकी संख्या में बढ़ोतरी होगी। जू की निदेशक डा. तेजस्वनी अरविंद पाटिल ने बताया कि चीर फीजेंट को जू के प्रवेश द्वार के समीप ही प्रथम पंक्ति के बाड़ों में रखा गया है। वन रक्षक पुष्कर सिंह मेहरा को चीर फीजेंट के बाड़ों के रखरखाव का जिम्मा सौंपा गया है।
क्या है इनकी विशेषता
नैनीताल। नर चीर फीजेंट 90 से 118 और मादा 61 से 76 सेमी लंबी होती है। ये फीजेंट लंबी, चौड़ी, धारियां युक्त पूंछ, बड़ी कलगी और लाल मुख वाली होती हैं। नर को मादा की अपेक्षा सरलता से पहचाना जा सकता है। नर के अग्रपीठ पर स्पष्ट धारियां, गले में कोई निशान नहीं और पूंछ पर धारियां होती हैं।
क्या है भोजन
नैनीताल। चीर फीजेंट को हर रोज 50-60 ग्राम मिक्स पक्षी दाना, 20 ग्राम मिक्स सब्जियां, दो फीसदी खनिज लवण और ब्रीडिंग सीजन को देखते हुए उबले अंडो का चूरा दिया जा रहा है।
पांच प्रजातियां हैं जू में
नैनीताल। फीजेंट्स की सात प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें चीर फीजेंट को मिलाकर नैनीताल जू में इन प्रजातियों की संख्या पांच पहुंच गई है। इनमें क्लीज फीजेंट की संख्या 15, रेड जंगल फाउल की छह, मोर की चार, चीर फीजेंट की 11 और मोनाल की संख्या दो है।