कुमाऊं के तीन जिलों में ई-रिक्शा की सभी अड़चन दूर हो गई है। प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त रिपोर्ट ई-रिक्शा संचालन के पक्ष में आयी है। इसके बाद कुमाऊं संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) के पदाधिकारी भी संचालन कराने को सहमत हैं, अब परमिट आदि देने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
ई- रिक्शा को लेकर लंबे समय से कोशिश चल रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ई- रिक्शा संचालन के लिए नियमों में कई छूट भी प्रदान की है। इसके बाद नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और टनकपुर-बनबसा (चंपावत जिला) से ई-रिक्शा चलाने के लिए आवेदन बड़ी संख्या में लोगों ने किया। लेकिन ई-रिक्शा संचालन से यातायात व्यवस्था, सुरक्षा समेत कई मुद्दे उठे थे, तो संभागीय परिवहन प्राधिकरण ने मामले में जिलों से रिपोर्ट मांगी थी।
बताया जाता है कि इन जिलों के डीएम के निर्देशन पर प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम बनी। इन संयुक्त टीमों ने ई-रिक्शा चलाने को हरी झंडी प्रदान कर दी है। बीते दिनों कुमाऊं कमिश्नर व आरटीए अध्यक्ष अवनेंद्र सिंह नयाल की अध्यक्षता में एक की मीटिंग हुई थी। इसमें ई-रिक्शा संचालन के लिए आवेदकों को परमिट देने का फैसला किया गया। इसमें करीब 270 ऊधमसिंह नगर, 180 नैनीताल और 50 तक परमिट टनकपुर-बनबसा को प्रदान करने पर रजामंदी बन गई है। अब जल्द ही परमिट प्रदान किया जाएगा।
हल्द्वानी के लोगों को मिलेगी राहत
हल्द्वानी। हल्द्वानी शहर का विस्तार हो चुका है, कई कालोनी बन गई। इन कालोनियों में पहुंचने के लिये कोई सार्वजनिक यातायात की व्यवस्था नहीं है। इसके लिए लोग आरटीओ कार्यालय में मांग तक कर चुके हैं। अब ई-रिक्शा चलने से करीब 20 आंतरिक मार्गों पर यातायात की सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा माल रोड पर भी ई-रिक्शा चल सकेगा।
इन नियमों में ई-रिक्शा चालकों छूट मिली है
- कामर्शियल लाइसेंस के लिए उम्र 18 साल की गई, अनुभव की बाध्यता भी नहीं
- ई रिक्शा चालक को मोटर ट्रेनिंग स्कूल की जगह एसोसिएशन/निर्माता से भी प्रशिक्षण को मान्यता दी गई है
- टैक्स में भी छूट प्रदान की गई
- एनआईसी के सहयोग से विभाग के साफ्टवेयर में बदलाव की तैयारी है