कुमाऊं विश्वविद्यालय के मुख्य डीएसबी परिसर में सेमेस्टर परीक्षा के पहले ही दिन अव्यवस्था व हंगामे की भेंट चढ़ गई। परीक्षा को लेकर एनएसयूआई व एबीवीपी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। जिसका खामियाजा परीक्षा देने पहुंचे सैकड़ों छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ा। करीब साढ़े चार घंटे तक परिसर में अराजकता का माहौल बना रहा।
पूरा परिसर छावनी में तब्दील रहा। परिसर के अधिकारियों ने भले ही दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन उन्हें भी कामयाबी नहीं मिली। प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों की मौजूदगी के बाद भी परिसर में परीक्षा नहीं हो पायी जिसकी वजह से निराश छात्र-छात्राओं को घर वापस लौटना पड़ा।
बता दें कुमाऊं विवि की प्रथम व तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं कुमाऊं भर के 31 केंद्रों में 20 फरवरी से शुरू होनी थी लेकिन बीते दिनों विवि प्रशासन ने अचानक अल्मोड़ा व हल्द्वानी एमबीपीजी कालेज की परीक्षाओं को टाल कर 2 मार्च से शुरू कराने का फैसला ले लिया।
इसी मुद्दे को लेकर डीएसबी परिसर में एनएसयूआई व एबीवीपी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। जहां एक ओर एनएसयूआई कार्यकर्ता दोनों केंद्रों की तर्ज पर नैनीताल में भी 2 मार्च से परीक्षाएं शुरू कराने की मांग प्रशासन से करने लगे वहीं दूसरी ओर एबीवीपी कार्यकर्ता ठीक इसके विपरीत 20 फरवरी से ही परीक्षा कराने की मांग करने लगे।
सुबह सभी परीक्षा कक्षों में उत्तर पुस्तिकाओं को भेजने का काम शुरू हो रहा था तथा परीक्षार्थी भी कक्षों में बैठने लगे थे कि इसी दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने पहले परीक्षा नियंत्रण कक्ष के समक्ष हंगामा किया उसके बाद वह कमरों में घुसने लगे।
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ केंद्राध्यक्ष प्रो.एसएस बर्गली से मामले की सूचना तुरंत परिसर निदेशक प्रो.एसपीएस मेहता को फोन पर दी। सूचना मिलने के बाद प्रो.मेहता समेत डीएसडब्लू प्रो.देवेंद्र सिंह बिष्ट व मुख्य कुलानुशासक डा.आशीष तिवारी मौके पर पहुंच गए।
बाद में सूचना मिलने के बाद सीओ महेशा नंद गौरोला, कोतवाल संजय पांडे व तल्लीताल के एसओ एमएस दसौनी, हैड कांस्टेबल जगदीश प्रसाद व जयानंद पांडे समेत दल बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
करीब आधे घंटे तक चली वार्ता का जब कोई हल नहीं निकला तो एबीवीपी कार्यकर्ता कमरे में पहुंच गए और दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच हाथपाई होने लगी।
इस दौरान भी एनएसयूआई व एबीवीपी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। करीब एक बजे पटवारी अमित साह, नायब तहसीलदार प्रियंका रानी मौके पर पहुंचे। डेढ़ बजे संयुक्त मजिस्ट्रेट आशीष चौहान व उसके बाद मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रो.रजनीश पांडे भी मौके पर पहुंचे तब तक दो बज चुके थे।
संयुक्त मजिस्ट्रेट चौहान की परिसर के अधिकारियों, सीओ व दोनों प्रतिनिधियों के साथ वार्ता हुई लेकिन वार्ता का कोई सर्वमान्य हल नहीं निकल पाया।