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पीठ पर चोट के निशान बया कर रहे दूसरी कहानी

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हल्द्वानी। बंदी की मौत के मामले में परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मौत पिटाई के कारण हुई है। बंदी की पीठ पर चोट के निशान भी यह कहानी बयां करते हैं। हालांकि जेल प्रशासन पिटाई की बात से इनकार कर रहा है। इधर डॉक्टरों की टीम ने रविवार को वीडियोग्राफी के बीच बंदी का पोस्टमार्टम किया।
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ऊधमसिंह नगर जिले के कुंडेश्वरीकाशीपुर निवासी विचाराधीन बंदी को शुक्रवार को हल्द्वानी जेल में बंद किया गया था। शनिवार को उसकी हालत बिगड़ गई। बेस अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बंदी की मौत के बाद शव को मोर्चरी में लाया गया। तहसीलदार की देखरेख में पुलिस ने शव का पंचायतनामा किया गया। रविवार को वीडियोग्राफी के बीच डॉक्टरों की टीम ने उसका पोस्टमार्टम किया। मोर्चरी में मौजूद साले और साढ़ू ने आरोप लगाया कि बंदी की मौत पिटाई के चलते हुई है। साले का कहना था कि गिरफ्तारी के बाद उसकाजीजा अच्छी तरह चल रहा था।
अब उसकी कमर और पीठ पर चोट के निशान मौजूद हैं। साढू़ का कहना है कि प्रमाण के तौर पर पोस्टमार्टम से पहले उसके शरीर का फोटो खींच लिया है। दोनों का दावा था कि घाव ताजा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना बाकी है। हालांकि परिजनों ने जांच के लिए कोई शिकायती पत्र नहीं दिया है। इधर जेल के प्रभारी प्रहलाद मीणा का कहना था कि जेल में बंदी के साथ मारपीट की घटना नहीं हुई थी। अब तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि घाव पुराना है या नया।
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