हल्द्वानी। दीपावली के दूसरे दिन सूर्य ग्रहण के बाद अब आठ नवंबर को चंद्रग्रहण लगेगा। 15 दिन बाद हो रही खगोलीय घटना को लेकर लोगों में भी उत्सुकता बनी हुई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार खगोलीय घटना का राशियों पर भी दुष्प्रभाव पड़ेगा।
मंगलवार आठ नवंबर को इस वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण दोपहर 2:39 बजे से स्पर्श होगा। शाम 6:19 बजे पुन: सुंदर कांति के साथ मोक्ष होगा। ज्योतिष गणना के अनुसार कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल आदि जगहों पर शाम 5:15 बजे के करीब यह ग्रहण दृश्य होगा। ग्रहण का सूतक 9 घंटा पूर्व इसी दिन सुबह 5:39 बजे शुरू होगा। देव पूजन का समय सुबह 5:35 बजे से पूर्व होगा। ग्रहण के कारण आर्थिक व्यापारिक, महंगाई के रूप में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती के अनुसार सूतक काल से पहले देव पूजन कर, व्रत हवन करना चाहिए। गरीब, असहाय, विकलांगों, को वस्त्र, अन्न, फल, द्रव्य का दान करना चाहिए। वैदिक मंत्र का जाप ग्रहण काल में करना चाहिए।
ग्रहण का राशियों पर प्रभाव...
ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती के अनुसार मेष - मानसिक तनाव धन हानि, वृष - रोग, नौकरी व्यवसाय में हानि, मिथुन - आकस्मिक लाभ, संतान सुख, कर्क - शरीर कष्ट, ठंड से भय, सिंह - संतान की तरफ से पीड़ा, कन्या - धनप्राप्ति, तुला - दांपत्य कष्ट, योग, वृश्चिक - कष्ट, व्यापार हानि, धनु - मान सम्मान में कष्ट, मकर - राज्य लाभ, उच्च पद, कुंभ - मान सम्मान धन वृद्धि, मीन - विद्या हानि, शरीर रोग शामिल है। चंद्र ग्रहण को गर्भवती स्त्री को बिल्कुल नहीं देखना चाहिए। इसके अलावा ग्रहण को सीधी आंखों से भी नहीं देखना चाहिए।