हल्द्वानी। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (युवक) में इस वर्ष 29 सीटें खाली रह गईं। इसकी वजह शासन की ओर से फीस बढ़ाया जाना माना जा रहा है। पहले एक वर्ष की फीस 400 रुपये थी जिसे बढ़ाकर 4200 रुपये कर दिया गया है। हालांकि इस वर्ष कोविड-19 के चलते फीस में कुछ राहत भी दी थी, इसके बावजूद आईटीआई में प्रवेश के लिए युवाओं में कोई खास क्रेज दिखाई नहीं दिया।
आईटीआई में 11 ट्रेड संचालित हो रहे हैं। इन ट्रेडों की 214 सीटों पर नए सत्र में दाखिले होने थे। मगर तीन बार काउंसिलिंग करने के बाद भी आईटीआई की 50 फीसदी सीटें नहीं भर पाईं, जिस पर विभाग को पांच बार प्रवेश प्रक्रिया खोलनी पड़ी, तब कुछ ट्रेडों में सीटें भर पाईं। प्रभारी प्रधानाचार्य जीएस वर्मा कोविड-19 की वजह से शासन ने वार्षिक शुल्क में इस बार छात्रों को राहत दी थी। विभाग के निर्देशानुसार सामान्य वर्ग के छात्रों से 2200 रुपये और आरक्षित वर्ग के छात्रों से 1200 रुपये शुल्क लिया गया है।
इनमें सीटें खाली
आटो बॉडी पेंटिंग ट्रेड में 20 में से 11, ऑटो बॉडी रिपेयर ट्रेड में 20 में से 7, प्लंबर ट्रेड में 24 में 3, टर्नर ट्रेड 40 में से 2 सीटें इसके बाद भी खाली रह गई हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में 40 में से एक, स्टेनो हिंदी में 24 में से 2, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडिशनिंग ट्रेड में 24 में से 3 सीटें रिक्त हैं।