हल्द्वानी शहर में शाम के समय हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। काठगोदाम क्षेत्र में 45 मिनट में 102 मिमी बारिश रिकार्ड दर्ज की गई। अतिवृष्टि से रकसिया और देवखड़ी नाला उफान पर आ गया। रकसिया नाले के उफान में प्रेमपुर लोश्ज्ञानी के पास एक युवती स्कूटी सहित नाले में बह गई। लोगों ने किसी तरह युवती को बचाया।
उधर ई-रिक्शा पानी के बहाव से पलट गया। इसमें बैठे तीन लोग बहने से बाल-बाल बचे। उधर देवखड़ी नाले में पानी आने से जीएसटी कार्यालय के पास एक कार बह गई जो पास में लगी रेलिंग में टकराकर रुक गई। इसके बाद इसमें बैठे तीन लोगों को किसी तरह बाहर सुरक्षित निकाला गया।
काठगोदाम के पहाड़ी क्षेत्र में रविवार शाम करीब चार बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हुई। बारिश के कारण देवखड़ी और कलसिया नाला उफान पर आ गए। देवखड़ी नाले में जीएसटी कार्यालय के पास एक पेड़ की जड़ अटक गई। इससे पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने लगा जिसमें एक कार बहने लगी। कार बहते हुए रेलिंग के पास जाकर अटक गई। किसी तरह चालक ने कार को थोड़ा पीछे किया। इसके बाद लोगों ने कार की खिड़की खुलवाकर उसमें से बच्चों को बाहर निकाला। कार में तीन लोग सवार थे।
उधर प्रेमपुर लोश्ज्ञानी क्षेत्र में रकसिया नाले के तेज बहाव में स्कूटी सवार एक युवती बह गई। लोगों ने किसी तरह बहती हुई युवती को बचाया। इसी दौरान एक ई-रिक्शा भी पानी के तेज बहाव में बहकर पलट गया। आसपास के लोगों ने ई-रिक्शा को सीधा कर उसमें सवार एक महिला सहित तीन लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
जीएसटी कार्यालय, आनंदपुरी फेज दो में 25 लोगों के घरों में घुसा पानी
काठगोदाम क्षेत्र में हुई बारिश के कारण नगर निगम के पास बहने वाली सिंचाई नहर उफान पर आ गई। इस कारण नहर का पानी आनंदपुरी फेज दो के 10 घरों में घुस गया। उधर जीएसटी कार्यालय के पास देवखड़ी नाला चोक होने से वहां भी पानी सड़क पर बहते हुए 15 घरों में घुस गया। लोगों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और नगर निगम उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है।
उधर देवखड़ी नाला जीएसटी कार्यालय के पास बार-बार उफान पर आ रहा है। इसके बाद भी जिला प्रशासन इसका स्थाई समाधान नहीं कर रहा है। एक बार फिर नाला उफान पर आने के कारण 15 लोगों के घरों में पानी घुस गया।
तपोवन क्षेत्र में बनाई गई वायरक्रेट की सुरक्षा दीवार 21 दिन में धंसी
तपोवन क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण एक बार फिर देवखड़ी नाला उफान पर आ गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि 21 दिन पहले वन विभाग की ओर से बनाई गई वायरक्रेट दीवार भी एक जगह से धंस गई। इस कारण नाले से हुए पानी के रिसाव के कारण कृष्णा विहार और गायत्री नगर क्षेत्र की सड़कों पर मलबा भर गया।
लोगों का आरोप है कि प्रशासन और वन विभाग की लापरवाही के कारण ही उन्हें ये दिन देखने पड़ रहे हैं। है। वायरक्रेट दीवार बनाते समय ही लोगों ने इससे समाधान न होने की आशंका जताई थी। गनीमत रही कि बारिश रुक गई। लोगों का कहना था कि यदि थोड़ी देर बारिश और होती तो लोगों के घरों में पानी घुस जाता।
क्या बोले लोग
पूरे आंगन में जलभराव हो गया है। इससे आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। वायरक्रेट लगाना समाधान नहीं है। वायरक्रेट से पानी निकलकर नुकसान पहुंचा रहा है। सीसी दीवार लगाकर जलभराव को रोका जाए।
- नेत्र बल्लभ बृजवासी।
लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई सुरक्षा दीवार 10 दिन भी नहीं हुए कि पानी के बहाव से धंस गई है। फिर वही हालत बनने लगे हैं। मलबा और बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस आया है।
- कमला पांडे, कृष्ण विहार।
वायरक्रेट से पानी का रिसाव हो रहा है। जब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया जाएगा दिक्कतें बनी रहेंगी। सरकार को जल्द से जल्द कार्यों के लिए धनराशि देनी चाहिए।
-गोविंद मिश्रा, कृष्ण विहार।
ये प्रशासन की नाकामी है। अगर हम लोगों को कुछ हो गया तो शासन-प्रशासन या विभागीय अधिकारी कौन जिम्मेदार रहेगा। आपदा राहत के कार्यों के नाम पर सिर्फ खानापूरी की गई है। स्थायी सुरक्षा कार्यों के लिए सरकार कब धनराशि देगी।
- गणेश दत्त जोशी, कृष्ण विहार।
लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सुरक्षा कार्यों के नाम पर सिर्फ लीपापोती की गई है। जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए। जब कोई जनहानि होगी क्या तब शासन-प्रशासन हरकत में आएगा।
- षष्टी बल्लभ जोशी।
सिटी मजिस्ट्रेट, निगम के अधिकारियों ने किया निरीक्षण
सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी और नगर निगम के अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि वायरक्रेट डिस्लोकेट हुए हैं। इस कारण सड़कों पर मलबा आ गया है और पानी भी भरा है। निगम की टीम सफाई कर रही है। नाले को सही करने के लिए वन विभाग ने जेसीबी भेजी है। वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं। सिंचाई विभाग के एई को तकनीकी सहायता के लिए भेजा गया है।