रामनगर। छात्र देश का भविष्य होते हैं और इस भविष्य को संवारने का माध्यम है शिक्षा। उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने की इच्छा है। भारत रत्न वैज्ञानिक प्रो. सीएनआर राव ने कहा कि सामान्यत: प्रचलित तरीकों की बात करें तो आज के दौर में शिक्षा का सीधा तात्पर्य स्कूल, कक्षाओं, प्रशिक्षण और शिक्षण के जरिये विषयों की विविधता की जानकारी का आदान-प्रदान करना है।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि किसी राज्य, देश के विकास के लिहाज से शिक्षा आज सबसे बड़ा मापदंड बन गया है। प्रो. राव अपने पारिवारिक सदस्य, दोस्तों के साथ कार्बेट पार्क भ्रमण पर आए थे। बिजरानी रेंज में भ्रमण के दौरान उन्होंने प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ लिया। उनके साथ उनकी पत्नी इंदुमती रावत, पुत्र संजय, पुत्री चित्रा गणेश, नातिन सुगंधा गणेश और जेएनयू सेंटर फार एडवांस साइंटफिक रिसर्च के प्रो. चंद्रमास नारायण, प्रो. रंगा उदय कुमार भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने रिसोर्ट में वृक्ष भी लगाया।