नैनीताल। हाईकोर्ट ने छात्रवृत्ति घोटाले में सरकारी कर्मचारियों की ओर से अपनी आय 25 सौ रुपये मासिक दिखाकर छात्रवृत्ति का पैसा लिए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद निदेशक विजिलेंस को मामले की जांच कर चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 दिसंबर की तिथि नियत की है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी सुभाष नौटियाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर कहा था कि जौनसार इलाके में सरकारी अधिकारियों के बच्चों ने भी अपने पिता की आय कम दिखाकर घोटाले की रकम हड़पी है।
छात्रवृत्ति घोटाला मामले की जांच के आदेश के बाद कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने निदेशक विजिलेंस को मामले की जांच कर चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 दिसंबर की तिथि नियत की।