नैनीताल। हाईकोर्ट ने राज्य में हो रहे डेंगू के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल कर यह बताने को कहा है कि डेंगू होने के क्या कारण हैं और इसकी रोकथाम के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार यूथ बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि राज्य में डेंगू से कई लोगों की असमय मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की ओर से इसकी रोकथाम के लिए अभी तक जो भी कदम उठाए गए वे पर्याप्त नहीं हैं।
याचिकाकर्ता का कहना था कि डेंगू की रोकथाम के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन कर अनुभवी डॉक्टर नियुक्त किए जाएं ताकि सभी पीड़ितों की जांच हो सके और उन्हें समय पर उन्हें इलाज मिल सके। याचिका में यह भी कहा कि डेंगू से मर चुके लोगों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्वास्थ्य विभाग से पूछा है कि डेंगू के प्रकोप बढ़ने के क्या कारण रहे और इसकी रोकथाम को लेकर क्या प्रयास किया जा सकते हैं।