प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त एनएस नपलच्याल का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदनकर्ताओं की सुविधा के लिए सूचना आयोग शीघ्र ही वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) से आरटीआई सुनवाई करेगा। इसके लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को संबंधित व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। मार्च से यह व्यवस्था शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक अकादमी में हुई भेंट में आयुक्त ने कहा दिसंबर 2014 तक आरटीआई के चार लाख 41 हजार 956 आवेदन मिले थे, जिसमें अधिकांश का निस्तारण हो चुका है। द्वितीय अपील के रूप में 16 हजार 815 आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें से 15707 अर्थात 93.41 फीसदी मामलों का निपटारा हो चुका है। आयोग की ओर से 58 लाख 47 हजार 650 रुपए जुर्माने के रूप में वसूले गए। जबकि 15 लाख 93 हजार 467 रुपए मुआवजे के रूप में दिलवाए गए।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आरटीआई के सर्वाधिक 74818 मामले राजस्व विभाग के हैं। इसके बाद विद्यालयी शिक्षा के 53626, गृह के 47037, वन विभाग के 24237, वित्त के 22715 मामले हैं।
आयुक्त ने पढ़ाया आरटीआई का पाठ
नैनीताल। मुख्य सूचना आयुक्त ने बुधवार को लोक सेवा आयोग से चयनित उप खंड शिक्षाधिकारियों को आरटीआई का पाठ पढ़ाया। उन्हें अधिनियम के गठन, सूचना संकलन, जवाब देने के तरीके की जानकारी दी गई और लोक सूचना अधिकारी के कर्तव्यों के बारे में बताया। कहा जिस रूप में सूचना मांगी जाए उसका उत्तर भी उसी रूप में दिया जाए। इस दौरान कोर्स डायरेक्टर डा. आरके पांडे भी मौजूद रहे।