रोडवेज कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर चालकों एवं परिचालकों के प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। चालक एवं परिचालक 15 दिसंबर की आधी रात से कार्य बहिष्कार पर चले गए।
कार्य बहिष्कार 18 सितंबर तक रहेगा, जिससे देहरादून, नैनीताल और टनकपुर क्षेत्र के 21 डिपो की करीब 100 बसें खड़ी हो गईं। बसों का संचालन बंद होने से यात्री बस अड्डों पर भटकते रहे।
रोडवेज कर्मचारी 16 सूत्रीय मांगों के समर्थन में आंदोलित हैं। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की निगम प्रबंधन से वार्ता विफल होने के बाद कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन की पूर्व घोषणा की थी।
बृहस्पतिवार आधी रात से कार्य बहिष्कार पर जाने से पूर्व यूनियन की देहरादून आईएसबीटी में बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे।
बैठक में संरक्षक डीएन शुक्ला, प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै, महामंत्री अशोक चौधरी, हरेंद्र कुमार, केपी सिंह, जितेंद्र कुमार, विनय जोशी, नीरज चौधरी, विपिन कुमार, सहदेव सिंह, यशपाल सिंह, उदयवीर सिंह, रवींद्र तोमर, संदीप कुमार, जितेंद्र यादव और विनोद कुमार मौजूद रहे।
सामूहिक निर्णय के बाद ही चालकों एवं परिचालकों ने कार्य बहिष्कार कर गाड़ियां खड़ी कर दी। प्रदेश के तीनों रीजन में रात 12 बजे से बसों का संचालन ठप होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। रात में गंतव्य जगहों पर जाने के लिए यात्रियों को टैक्सी तक नहीं मिली।
यूनियन पदाधिकारियों के मुताबिक तीनों रीजन में करीब 100 से ज्यादा रात्रि बस सेवाएं बाधित हुई हैं। कर्मचारियों की मांगों में प्रमुख रूप से तीन हजार कर्मियों का नियमितीकरण है।