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डोली के सहारे गर्भवती महिला को बीस किमी चलना पड़ा पैदल

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पहाड़पानी में सड़क बंद होने से गर्भवती महिला को डोली पर पैदल ले जाते ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BHIMTAL
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मनोज कुमार जोशी
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पहाड़पानी। युवा राज्य में सत्ता की बागडोर दोनों ही राष्ट्रीय दलों के हाथों में राज्य बनने के बाद से रही। राज्य बनने के 21 वर्ष बाद भी स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। ग्रमीणों की एक ही दरकार है, एक अदद सुविधा संपन्न अस्पताल जहां आपातकाल में मरीजों को कम से कम प्राथमिक उपचार तो मिल जाए। इस युवा राज्य की सुविधाओं की स्थिति बुजुर्गों जैसी हो गई है।
बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की बानगी शनिवार को देखने को मिली। बर्फबारी के कारण सड़क बंद होने के कारण प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को डोली के सहारे 20 किलो मीटर पैदल चलकर धारी तक लाना पड़ा। धारी से वाहन मिलने पर गर्भवती महिला को हल्द्वानी के निजी अस्पताल इलाज के लिए लाया गया।
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शनिवार को धारी ब्लॉक की ग्राम पंचायत मजयूली के जोलपोखरा निवासी दीपा देवी (42) पत्नी चंदन सिंह को प्रसव पीड़ा हुई। सड़क बंद होने के बाद कारण परिजन पीड़ितों को ग्रामीणों की मदद से डोली के सहारे पैदल पहाड़पानी से मनाघेर-धानाचूली होते हुए बीस किमी दूर धारी लेकर पहुंचे, जहां सड़क खुलने के बाद वाहन से परिजन उन्हें शाम 4.30 बजे हल्द्वानी के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में महिला का इलाज चल रहा है।
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परिजनों ने बताया कि पहाड़पानी के अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं न होने के कारण उन्हें मजबूरन सड़क बंद होने पर डोली का सहारा लेना पड़ा। परिवार के दीपक सिंह ने बताया कि दो फीट से अधिक बर्फ होने के कारण सड़क बंद थी और जाम लगा था। जाम के कारण गर्भवती को पैदल ले जाना पड़ा। कहा कि सड़क बंद न होती तो उन्हें इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। गांव के रघुवीर सिंह नगरकोटी ने कहा पहाड़पानी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में मरीजों को अन्य अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। महिला को डोली में ले जाने वालों में देवेंद्र सिंह, पप्पू सिंह, गिरधारी नगरकोटी, चंदन सिंह, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, पुष्कर सिंह आदि थे। संवाद
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