नैनीताल। असंतुलित खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित जीवनशैली के चलते लोगों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या सामने आ रही है। कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने से हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ सकता है। खासकर खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन, व्यायाम नहीं करना और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
बीडी पांडे अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएस दुग्ताल के अनुसार, कोलेस्ट्रॉल शरीर में पाया जाने वाला एक प्रकार का वसा जैसा पदार्थ है, जो कोशिकाओं और हार्मोन के निर्माण के लिए आवश्यक है। हालांकि, रक्त में खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) का स्तर बढ़ने से धमनियों में वसा जमने लगती है। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
डाॅ. दुग्ताल का कहना है कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या अक्सर शुरुआती दौर में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाती। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच कराना चाहिए। विशेषकर मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापे या हृदय रोगों के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
डॉ. दुग्ताल के अनुसार, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार, तली-भुनी और अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना, फल-सब्जियां और फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करना जरूरी है। साथ ही नियमित व्यायाम, वजन पर नियंत्रण, धूम्रपान से दूरी और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच भी लाभकारी है। उन्होंने सलाह दी कि कोलेस्ट्रॉल की समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह से जांच और उपचार कराएं। बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाएं शुरू या बंद नहीं करनी चाहिए।