सोने की लगातार बढ़ती कीमतों ने अभिभावकों के मन में चिंता पैदा कर दी है। खासकर उन लोगों की चिंता ज्यादा बढ़ गई है, जिनके बच्चों की शादी नजदीक है या एक-दो वर्ष में होने वाली है। ये अभिभावक तो किसी तरह शादी कर ही लेंगे लेकिन यह समय उन लोगों के संभलने का है जिनके बच्चे अभी छोटे हैं।
आज अक्षय तृतीया का शुभ अवसर है। ऐसे में इस चिंता से बाहर निकलने के लिए एक अच्छी शुरुआत की जा सकती है- निवेश की आदत डालकर। सवाल यह है कि निवेश कहां किया जाए?
पहले सीमित साधनों के कारण लोग निवेश के लिए बैंक में सावधि जमा (एफडी) और आवर्ती जमा (आरडी) करते हैं। आज के समय में बाजार में ऐसे कई विकल्प उपलब्ध हैं जो पारंपरिक योजनाओं की तुलना में बेहतर रिटर्न देने की संभावना रखते हैं। इनमें म्यूचुअल फंड एक लोकप्रिय माध्यम बनकर उभरा है।
आमतौर पर आरडी पर 6-7 प्रतिशत के आसपास निश्चित ब्याज मिलता है। दूसरी ओर, पिछले दस वर्षों में गोल्ड आधारित म्यूचुअल फंडों ने इक्कीस प्रतिशत औसतन सालाना रिटर्न दिया है। गोल्ड म्यूचुअल फंड सीधे बाजार से जुड़े होते हैं इसलिए इनमें रिटर्न सोने की कीमतों के अनुसार घटता-बढ़ता रहता है। कीमतों में यह उतार-चढ़ाव ही आपकी चिंता दूर करेगा।
यदि कोई व्यक्ति दस वर्ष तक हर महीने एक हजार रुपये आरडी में जमा करता है तो परिपक्वता पर यह राशि लगभग एक लाख अस्सी हजार रुपये के आसपास होगी। वहीं, गोल्ड म्यूचुअल फंड में इतने ही समय के लिए किया गया निवेश करीब साढ़े तीन लाख रुपये तक हो जाएगा।
निवेश कितना भरोसेमंद
यह सवाल स्वाभाविक है कि म्यूचुअल फंड में निवेश कितना भरोसेमंद है। इसका जवाब इसके पिछले प्रदर्शन (ट्रैक रिकॉर्ड) को देखकर समझा जा सकता है। जहां आरडी के ब्याज दरों में समय के साथ गिरावट देखी गई है, वहीं लंबे समय में बाजार आधारित निवेश विकल्पों ने बेहतर रिटर्न देने की संभावना दिखाई है। गोल्ड म्युचूअल फंड ने पिछले दस वर्षों में इक्कीस फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है।
दस वर्ष में मिले रिटर्न का अंतर
पिछले दस वर्षों में आरडी पर औसतन सात प्रतिशत के आसपास ब्याज मिला है। यदि कोई व्यक्ति दस वर्ष तक हर महीने एक हजार रुपये आरडी में जमा करता है तो यह राशि लगभग एक लाख अस्सी हजार रुपये के आसपास पहुंचती है। वहीं, इसी अवधि में गोल्ड आधारित म्यूचुअल फंड में किया गया होता तो निवेश औसतन इक्कीस प्रतिशत सालाना रिटर्न के हिसाब से साढ़े तीन लाख रुपये हो गया होता।
कैसे करें म्यूचुअल फंड में निवेश
आज के डिजिटल दौर में म्यूचुअल फंड में निवेश करना बेहद आसान हो गया है। आप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या मोबाइल ऐप के जरिए निवेश शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा, बैंकों की अधिकतर शाखाओं में भी यह सुविधा उपलब्ध है। आप मात्र सौ रुपये से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं और अपनी क्षमता के अनुसार राशि बढ़ा सकते हैं।
ब्याज बनाम रिटर्न
यह कैसे विश्वास किया जाए कि हमारे किए निवेश पर बेहतर रिटर्न ही मिलेगा। इसके लिए जरूरी है कि हमें उसका इतिहास देखना चाहिए। आरडी पर पिछले कुछ वर्षों में रिटर्न जहां कम हुआ है वहीं मार्केट आगे बढ़ी है। एफडी और आरडी में जमा पैसे पर निश्चित ब्याज मिलता है जिसकी गारंटी होती है। वहीं म्यूचुअल फंड पर मिलने वाला रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है इसलिए इसमें जोखिम भी शामिल होता है।
म्युचूअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है लेकिन लंबे समय तक अगर निवेशित रहते हैं तो यह जोखिम कम हो जाता है। आरडी और गोल्ड म्युचूअल फंड में लंबे समय के लिए निवेश करने पर गोल्ड म्युचूअल फंड ज्यादा फायदेमंद होता है।
- पंकज गुप्ता, म्युचूअल फंड विशेषज्ञ