बुधवार को बलियानाला क्षेत्र का निरीक्षण करती अधिकारियों की टीम
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नैनीताल। आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अधिशासी निदेशक समेत भू वैज्ञानिकों और स्लोप स्टेबलाइजेशन एक्सपर्ट की टीम ने बुधवार को बलियानाला क्षेत्र में भू-स्खलन रोकने के लिए किए जा रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान सर्वे रिपोर्ट और डाटा प्रजेंटेशन के बाद टीम ने भू-स्खलन के प्रति संवेदनशील स्थानों पर लाल निशान लगाए।
पिछले दिनों इसरो की टीम ने बलियानाला क्षेत्र का सर्वे कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी थी। इसके बाद शासन ने हाईपावर कमेटी का गठन किया। बुधवार को कमेटी में शामिल आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अधिशासी निदेशक पीयूष रौतेला ने भू वैज्ञानिकों और अधिकारियों के साथ पहले प्रशासन अकादमी में सर्वे रिपोर्ट पर आधारित डाटा प्रजेंटेशन देखा और फिर बाद में जायका की टीम के सदस्यों ने एडीएम एसएस जंगपांगी और भू-वैज्ञानिक आचार्य लू, सुशील खंडूरी, वेंकटेश, स्लोप स्टेबलाइजेशन एक्सपर्ट डॉ. मनीष सेमवाल आदि ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम ने प्रभावित क्षेत्रों के प्रस्तावित ट्रीटमेंट के लिए लाल पेंट से अस्थायी निशान भी लगाए।
आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अधिशासी निदेशक पीयूष रौतेला ने बताया कि बलियानाला के ट्रीटमेंट के लिए जायका ने तीन विकल्प दिए हैं। इनमें जीआईसी का आधा मैदान, जीआईसी का पूरा मैदान और जीआईसी स्कूल भवन शामिल हैं। इन तीन विकल्पों में से किस विकल्प पर भू-स्खलन रोकने संबंधी कार्य प्रभावी तरीके से कराया जा सकता है, इसे देखने के लिए यह निरीक्षण किया है। एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि तीन विकल्पों का स्थलीय निरीक्षण कर लिया है। अब हाई पावर कमेटी इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजेगी। उसके बाद काम शुरू कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जायका प्रतिनिधि दीपक भट्ट, अमन रायजादा, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता एनएस पतियाल, ईई हरीश चंद्र सिंह आदि रहे।