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मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही बीमारियों ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। डायरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है जबकि अस्थमा अटैक से पीड़ित मरीज भी अधिक आ रहे हैं। बेस अस्पताल में लगभग एक दर्जन और एसटीएच में लगभग तीन दर्जन से अधिक डायरिया मरीज भर्ती हैं।
बेस अस्पताल में नूरी मस्जिद निवासी अलीना (02 वर्ष), लाइन नंबर 12 निवासी यूसुफ अली (06 माह), नई बस्ती निवासी वारिस (06 वर्ष), आजाद नगर निवासी सना (2.6 वर्ष), काठगोदाम निवासी अबुजार (08 माह), इंदिरानगर अलकेफ (08 वर्ष) को डायरिया से पीड़ित होने के कारण बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जबकि, एसटीएच में भी डायरिया के तीन दर्जन मरीज भर्ती हैं। आईएमए हल्द्वानी के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. नीलांबर भट्ट ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज अधिक बढ़ गए हैं। गर्मी के कारण लोग शीतल पेय का अधिक प्रयोग कर रहे हैं। धूप से आकर एकदम ठंडा पानी या शीतल पेय का सेवन करने के कारण बुखार, जुकाम और खांसी के मरीज बढ़ रहे हैं।
मौसम में बदलाव और हवा में परागकण अधिक होने के कारण अस्थमा के मरीज बढ़ गए हैं। मरीजों को अस्थमा का अटैक पड़ रहा है। अप्रैल-मई और सितंबर के महीने में अस्थमा के केस अधिक आते हैं।
- डॉ. गौरव सिंघल, वरिष्ठ चेस्ट रोग विशेषज्ञ, नीलकंठ हास्पिटल।