1622 test takers given the PhD entrance examination in four centers
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कुमाऊं विश्वविद्यालय के शोध एवं प्रसार प्रकोष्ठ के सहयोग से रविवार को पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2017 का आयोजन किया गया। परीक्षा के लिए कुमाऊं मंडल मेें चार केंद्र बनाए गए थे जिसमें पंजीकृत 1914 में से 1622 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। सभी केंद्रों में परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई।
शोध एवं प्रसार प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. मानवेंद्र पाठक ने बताया कि परीक्षा दोपहर 12 से दो बजे तक चली। डीएसबी परिसर नैनीताल में पंजीकृत 408 में से 327 ने परीक्षा दी। अल्मोड़ा परिसर में पंजीकृत 271 में से 247 ने परीक्षा दी। एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में पंजीकृत 1101 में से 934 ने परीक्षा दी, जबकि पिथौरागढ़ डिग्री कॉलेज में 134 में से 114 ने परीक्षा दी।
कुल 292 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। नैनीताल केंद्र में प्रो. पाठक, अल्मोड़ा में प्रो. एसपीएस मेहता, हल्द्वानी में प्रो. पीके गुप्ता व प्रो. एलएस बिष्ट और पिथौरागढ़ में प्रो. जीवन सिंह बिष्ट पर्यवेक्षक रहे। पाठक ने बताया कि 2012 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था इनमें से 1914 को प्रवेश परीक्षा में शामिल किया गया।
98 अभ्यर्थी ऐसे हैं जो जेआरएफ और अध्यापक हैं। उन्हें काउंसलिंग के लिए ही बुलाया जाएगा। जल्द ही परीक्षा परिणाम घोषित कर दिये जाएंगे। इधर, डीएसबी परिसर में केंद्राध्यक्ष व अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. देवेंद्र सिंह बिष्ट के निर्देशन में हुई परीक्षा को संपन्न कराने में डॉ. दीपक कुमार, डॉ. नीमा बोरा पडियार, डॉ. निधि वर्मा, जगत सिंह कफलिया, पदम सिंह बिष्ट आदि जुटे रहे।