फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरसात में फिर कहर बरपा सकता है रकसिया नाला

Sat, 26 Mar 2016 01:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी
विज्ञापन
विज्ञापन
हल्द्वानी। हर बरसात में तबाही मचाने वाला रकसिया नाला इस बार भी लोगों की मुश्किलें कम कर पाएगा, इसमें अभी संदेह है। हालांकि नाले से हो रहे भू कटाव और लोगों के मकानों को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए विभाग को नाबार्ड परियोजना के तहत नाले की सुरक्षा दीवार के लिए 8.19 करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिया गया है, लेकिन बाढ़ सुरक्षा कार्य की अवधि तीन साल होने से बरसात के मौसम में इससे होने वाले नुकसान को रोकना सिंचाई विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं होगा।
विज्ञापन


विभाग नाले में बाढ़ सुरक्षा के कार्य तो करा रहा है, लेकिन जिस गति से काम हो रहा है, उससे नहीं लगता कि बरसात में अब तक किए गए काम टिके रह पाएंगे। जब तक रकसिया नाले में सुरक्षा कार्य पूरे नहीं कर लिए जाते तब तक रकसिया का खतरा बरकरार है। नैनीताल की पहाड़ी से दमुवाढूंगा में निकलकर प्रेमपुर लोसज्ञानी तक जाने वाला करीब 10 किमी का यह नाला आमतौर पर सूखा रहता है, लेकिन बरसात में यह विकराल रूप ले लेता है।

जिससे लोगों की कृषि योग्य भूमि के साथ ही नाले के किनारे रहने वाले लोगों के मकान आदि खतरे की जद में आ जाते हैं। अब तक दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। अब बजट मिला है लेकिन समयावधि अधिक होने से नाले से बरसात में सुरक्षा मिलने में संदेह है।
विज्ञापन


 सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता टीडी कांडपाल बताते हैं कि रकसिया नाले में बाढ़ सुरक्षा के लिए नाबार्ड से बजट मिला है। तीन साल की परियोजना है। अभी सुरक्षा कार्य चल रहा है। आबादी और अधिक प्रभावित इलाकों में पहले काम कराया जा रहा है। नाले की सुरक्षा का काम पूरी गुणवत्ता के साथ होगा ताकि भविष्य में नुकसान का खतरा नहीं रहे।

हल्द्वानी। सिंचाई विभाग का मानना है कि रकसिया नाले का उद्गम स्थल दमुवाढूंगा में काफी चौड़ा है, जबकि आखिरी छोर पर यह नाला संकरा हो गया है। जिस कारण पूरा पानी आसपास के लोगों के खेतों में आ जाता है। साथ ही, खेतों में बड़ी मात्रा में पॉलिथीन आने से लोगों की जमीन भी बर्बाद हो रही है।

रकसिया नाले के आसपास लोगों ने अतिक्रमण किया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता टीडी कांडपाल ने बताया कि अगर लोग अतिक्रमण छोड़ दें तो विभाग अपनी नहर के माध्यम से भी रकसिया नाले की निकासी कर सकता है।

यह भी प्रयास किया जा रहा है कि प्रेमपुर लोसज्ञानी की सड़क के लिए लोनिवि से बात कर सड़क खोदकर निकासी की जाए और उसे ऊपर से पाटा जाए,। लेकिन क्षेत्रवासी इस पर भी सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि लोनिवि ने उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं दिया है। इसलिए वह इसमें नाला नहीं बनने दे रहे। 

हल्द्वानी। सिंचाई विभाग की मानें तो रकसिया नाले की मरम्मत का काम जिला प्रशासन का है। रकसिया की पूरी भूमि भू राजस्व अभिलेखों में शासन में दर्ज है। नाले के भयावह रूप लेने के बाद जिला प्रशासन ने नाले की मरम्मत का काम सिंचाई विभाग को सौंपा था। पूर्व में जिला प्रशासन ने शासन की ओर से जारी 2.68 करोड़ रुपये नाले की मरम्मत में खर्च किए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें