फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रजनीकांत की आत्मा बसती है उत्तराखंड में

विज्ञापन
विज्ञापन
नैनीताल। प्रख्यात सिने स्टार रजनीकांत को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार मिलने पर पूरे उत्तराखंड में भी उत्साह है। वजह है कि रजनीकांत का बीते 25 वर्षों से राज्य से जुड़ाव, अनेक बार यहां की यात्राएं, बार-बार यह कहना कि उन्हें प्रेरणा, ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति उत्तराखंड में ही मिलती है। एक वजह और। वह यह कि ऋषिकेश में उनके आध्यात्मिक गुरु ब्रह्मलीन संत स्वामी दयानंद सरस्वती की समाधि का होना, जहां वे अक्सर आते रहे हैं।
विज्ञापन

रजनीकांत सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि द्वाराहाट के निकट स्थित कुकुछीना के बाबा महावतार का उन पर विशेष आशीर्वाद है और इसी के बूते उन्हें जीवन में अविश्वसनीय रूप से सफलता मिली है। बाबा पर एक लघु फिल्म भी बनी है। स्वयं रजनीकांत की ओर से लिखित तमिल फिल्म ‘बाबा’ भी बाबा जी पर ही आधारित थी। 2018 के दिसंबर में रजनीकांत द्वाराहाट के निकट कुकुछीना में दो किमी चढ़ाई चढ़ कर बाबा महावतार की गुफा में ध्यान लगाने आए थे।
उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड और यहां के पर्वत उन्हें ऊर्जा से भर देते हैं और यहां ध्यान लगाने से शांति मिलती है।
वर्ष 2018 में रजनीकांत ऋषिकेश के बाद द्वाराहाट होते हुए नैनीताल भी आए थे। हालांकि वे रात में नैनीताल पहुंचे और मनु महारानी होटल में रात बिता कर सुबह चले गए थे। नगरवासियों सहित अधिकांश होटल कर्मियों को भी इसकी जानकारी नहीं हो पाई थी।
विज्ञापन

उन्होंने जीएम गुप्ता से मीडिया को जानकारी न देने का अनुरोध किया था। उनके लिए कमरे की बुकिंग संजय नाम से जिला प्रशासन ने कराई थी। उनके साथ उनके दामाद दक्षिण भारतीय फिल्मों के कलाकार धनुष और रजनीकांत की बेटी ऐश्वर्या भी थे। होटल के जीएम नरेश गुप्ता ने उनका स्वागत किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें