नैनीताल। निजी कंपनियों में नौकरी के दौरान परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाने वाली नीतू आर्या ने स्वरोजगार की राह चुनकर अपनी अलग पहचान बनाई है। आज वह ऐपण और जूट के उत्पाद तैयार कर न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।
नीतू बताती हैं कि संयुक्त परिवार में रहने के कारण नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा था। पति निजी कंपनी में कार्यरत हैं और उनकी दो बेटियां हैं। इसी दौरान उन्हें चेष्टा संस्था के बारे में जानकारी मिली। वर्ष 2021 में नाबार्ड के सहयोग से संस्था की ओर से उन्हें जूट बैग, मोमबत्ती और ऐपण निर्माण का प्रशिक्षण मिला।
प्रशिक्षण के बाद उन्होंने इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाया। आज उनके साथ कई महिलाएं मिलकर जूट बैग, फोल्डर, पानी की बोतल कवर, जूट पॉट समेत 30 से अधिक उत्पाद तैयार कर रही हैं। इनकी मार्केटिंग सरकारी विभागों और अन्य संस्थानों में की जा रही है। अब वह काम के साथ परिवार को भी पर्याप्त समय दे पा रही हैं।