नैनीताल। बीडी पांडे अस्पताल की अल्ट्रासाउंड व्यवस्था फिर सवालों के घेरे में आ गई है। बुधवार को अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंची 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला समेत कई मरीजों को जांच के बिना लौटाए जाने का आरोप लगा है। महिलाओं के अल्ट्रासाउंड नहीं होने की शिकायत पर उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल अस्पताल पहुंची और उन्होंने व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई।
कमला कुंजवाल के अनुसार बीडी पांडे अस्पताल में बुधवार को गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। इसके अलावा आपात स्थिति में अन्य मरीजों का भी अल्ट्रासाउंड किए जाने की व्यवस्था है। बुधवार को नैनीताल के सात नंबर क्षेत्र निवासी 60 वर्षीय किशनी देवी पेट दर्द की शिकायत के बाद अल्ट्रासाउंड कराने अस्पताल पहुंची।
आरोप है कि स्टाफ और रेडियोलॉजिस्ट ने उनका अल्ट्रासाउंड करने से मना कर दिया और उन्हें टोकन तक नहीं दिया। रामगढ़ निवासी प्रकाश और भूमियाधार निवासी चंद्रा ने भी अल्ट्रासाउंड व्यवस्था को लेकर अपनी परेशानी बताई। वहीं तल्लीताल निवासी रीना ने बताया कि वह कई दिनों से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए अस्पताल आकर बैरंग लौट रही है।
वहीं अस्पताल की पीएमएस डॉ. द्रौपदी गर्ब्याल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अस्पताल आने वाले सभी मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। कभी मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण सभी की जांच उसी दिन नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी और मरीजों की स्थिति को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर अल्ट्रासाउंड कराया जाता है।