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चार्टन लॉज की पहाड़ी में भूस्खलन रोकने के लिए लोनिवि ने लगाई जियो बैग की दीवार, स्थायी ट्रीटमेंट की दरकार

Sun, 29 Oct 2023 10:01 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

नैनीताल की चार्टन लॉज की पहाड़ी में भूस्खलन रोकने के लिए भले ही लोनिवि ने अभी जियो बैग की दीवार लगा दी हो लेकिन पहाड़ी को स्थायी ट्रीटमेंट की दरकार है। इसके लिए लोनिवि ने आईआईटी रुड़की से संपर्क साधा है। 
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चार्टन लाज क्षेत्र - फोटो : अमर उजाला
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चार्टन लॉज की पहाड़ी में भूस्खलन रोकने के लिए भले ही लोनिवि ने अभी जियो बैग की दीवार लगा दी हो लेकिन पहाड़ी को स्थायी ट्रीटमेंट की दरकार है। इसके लिए लोनिवि ने आईआईटी रुड़की से संपर्क साधा है। विभाग ने आईआईटी रुड़की को पहाड़ी के सर्वे और डिजाइन के लिए पत्र भेजा है। सर्वे के बाद निर्धारित योजना के तहत मौके पर कार्य कराया जाएगा। 

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23 सितंबर को नैनीताल के चार्टन लाज क्षेत्र में भूस्खलन के बाद एक दो मंजिला मकान भरभराकर गिर गया था। मकान के गिरने से नीचे की ओर मौजूद अन्य दो मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से 22 मकानों से लोगों को हटाकर उनके घरों में ताले लगा दिए थे। 

साथ ही भू वैज्ञानिक के साथ टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। क्षेत्र में भूस्खलन रोकने के लिए जियो बैग की दीवार लगा दी गई थी। वहीं भूस्खलन के ऊपरी क्षेत्र को पानी से बचाव के लिए तिरपाल डाल दी गई थी। अब तक क्षेत्र में एक हजार से ज्यादा जियो बैग की सुरक्षा दीवार में लगा दिए हैं। प्रशासन ने अब क्षेत्र के लोगों को सशर्त घरों में रहने की अनुमति दे दी है। 
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क्षेत्र के लोग अब प्रशासन से पहाड़ी के स्थायी ट्रीटमेंट की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर लोनिवि ने जिला प्रशासन व आईआईटी रुड़की से पत्राचार किया है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना ने बताया कि क्षेत्र के अस्थायी उपचार के लिए 1350 जियो बैग लगाए गए हैं। बताया कि स्थाई उपचार के लिए सर्वे व डिजाइन करने को लेकर आईआईटी रुड़की से पत्राचार किया गया है। बताया कि प्रशासन से भी सर्वे व डिजाइन के लिए बजट के लिए वार्ता की गई है।

हरिनगर वासियों ने विस्थापन के विकल्प भरे
बलियानाला सुरक्षा कार्य को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी क्रम में बलियानाला से लगे हरिनगर के संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विस्थापन के विकल्प भरवाए जा रहे हैं।हरिनगर बलियानाला संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुख्तार अहमद और सभासद रेखा आर्या का कहना है कि बीते दिनों प्रशासन की ओर से समिति के माध्यम से हरिनगर क्षेत्र में रहने वाले 70 लोगों के विस्थापन विकल्प की रिपोर्ट मांगी थी। समिति ने बैठक कर सूची राजस्व विभाग व जिला प्रशासन को सौंप दी है।

प्रशासनिक 70 लोगों की सूची में से 21 लोगों ने दुर्गापुर व ताकुला जाने पर सहमति दी है जबकि 30 लोगों का कहना है कि बलियानाले के सुरक्षा कार्य के दौरान वह किराए पर अन्यत्र चले जाएंगे। लेकिन हरिनगर आवासों में उनका ताला रहेगा। कार्य के बाद वह वापस अपने घरों में आ जाएंगे। 19 लोग शहर में नहीं हैं इसलिए उनके संबंध में जानकारी नहीं ली जा सकी है। 

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