फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पब्लिक स्कूलों ने दो नवंबर से स्कूल खोलने में जताई असमर्थता

विज्ञापन
हल्द्वानी कमलुवागांजा स्थित गुरूकुल इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित पीएसए की बैठक में मंचासीन पदाध? - फोटो : HALDWANI
विज्ञापन
हल्द्वानी। पब्लिक स्कूल एसोसिएशन से जुड़े सभी पब्लिक स्कूलों ने दो नवंबर से स्कूल खोलने में असमर्थता जताई है। स्कूल संचालकों ने स्कूल खोलने की तैयारी करने के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी से कुछ और समय मांगा है। स्कूलों ने यह भी तय किया है कि स्कूल बस नहीं चलाई जाएंगी, अभिभावकों को बच्चों को छोड़ने के लिए खुद आना होगा।
विज्ञापन

पीएसए ने शुक्रवार को हल्द्वानी के सभी पब्लिक स्कूल संचालाकों एवं प्रधानाचार्यों की गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में बैठक बुलाई थी। बैठक में तय किया कि सभी स्कूल तुरंत खोलने में असमर्थ हैं, क्योंकि स्कूल अध्यापक और अभिवावकों से बात करेंगे।
इसके साथ ही एसओपी के अनुसार तैयारी करने के लिए समय चाहिए। विद्यालयों के उपस्थित सदस्यों ने अभी मुख्य शिक्षा अधिकारी को आवेदन भेजकर कुछ और समय देने की मांग की है। स्कूल संचालकों का मानना है कि एसओपी का पालन करने में जो भी खर्च आएगा, उसका वहन कौन करेगा। एसओपी में स्कूलों के खिलाफ महामारी एक्ट लगाने की बात की गई है, जिससे सभी स्कूल डरे हुए हैं। साथ ही ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाएं एकसाथ चलाने पर विचार करने की जरूरत बताई। सदस्यों ने यह भी तय किया कि स्कूल बस नहीं चलाई जाएंगी और अभिभावक स्वयं ही बच्चों को छोड़ेंगे।
विज्ञापन

बैठक में पीएसए अध्यक्ष कैलाश भगत, महासचिव पुष्पकमणि जोशी, पीएसए के पूर्व अध्यक्ष गोपाल सिंह बिष्ट, साकेत अग्रवाल, दीपक पॉल, कमलेश भंडारी, अनिता जोशी, मनोज बुढलाकोटी, दिवस शर्मा, सौरभ पाठक, अरविंद नेगी, विजय जोशी, प्रवीन पंत, विवेक अग्रवाल, तुषार उपाध्याय, अमित जोशी, नीना मनराल, केसी जोशी, पूरन अधिकारी, भूपेन्द्र विष्ट, महेश जोशी, अंजलि चन्द्रा, फॉदर रॉयल एंथोनी, चंदन रैक्वाल और अभिषेक मित्तल आदि मौजूद थे। इधर, प्रशासन और शिक्षा विभाग बृहस्पतिवार को ही बैठक कर पब्लिक स्कूलों को कह चुका है कि दो नवंबर से हर हाल में स्कूल खोलने होंगे।
सभी स्कूल दो नवंबर से विद्यालय खोलने में असमर्थ हैं, क्योंकि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में स्कूल चला पाना संभव नहीं है। कोरोना से बचाव के लिए व्यवस्थाएं करने पर आने वाले खर्च को हम बच्चों से चार्ज कर सकें, ऐसा आदेश शासन को करना चाहिए। अब सरकार द्वारा जारी एसओपी के पूरी तरह इंतजाम करने के बाद ही स्कूल खोले जाएंगे, इसके लिए हमें समय चाहिए।
विज्ञापन

- कैलाश भगत अध्यक्ष, पब्लिक स्कूल एसोसिएशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें