शराब की दुकान के बाहर प्रर्दशन करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
उमेदपुर में शराब की नई दुकान खोलने का तीन दिन से चल रहा विरोध रविवार को गंभीर हो गया। धरना देती महिलाओं ने उस वक्त हंगामा कर दिया जब उन्होंने अपने सामने ही कार से बीयर की बोतलें दुकान में उतरती देखीं। महिलाओं ने पुलिस बुला ली। बोतलें और कार सीज किए जाने पर मामला शांत हुआ। हालांकि दुकान हटाने के लिए धरना जारी रहा और देर शाम तक महिलाएं वहीं डटी रहीं।
विरोध के बीच उमेदपुर नंबर 2 में शराब की यह दुकान दो अप्रैल को ही शुरू हुई है। प्रदेश भर में नई दुकानों का विरोध होने पर सरकार ने 11 अप्रैल को नई दुकान खोलने पर रोक लगा दी थी। उमेदपुर की यह दुकान चालू ही रही। गांव की महिलाएं पहले मानती रहीं कि यह दुकान बंद होगी, मगर ऐसा नहीं हुआ। अब जब परिवार के पुरुषों का इस दुकान पर जाना बढ़ा तो वे अपने धैर्य को नहीं रोक पाईं। तीन दिन पहले उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। बारी-बारी से महिलाएं धरने पर बैठ रही हैं।
रविवार सुबह करीब दस बजे 10 से ज्यादा महिलाएं वहां मोर्चा संभालने पहुंचीं। उस वक्त एक ऑल्टो कार से दुकान में बीयर की पेटियां उतारी जा रही थीं। यह देखने के बाद महिलाओंं ने हंगामा शुरू कर दिया। नारेबाजी के बीच फोन करके पुलिस भी बुलवा ली। सूचना पर चोरगलिया थानाध्यक्ष राजेश जोशी मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं को शांत करने का प्रयास किया। मगर उन्होंने कार और बीयर की बोतलें तत्काल सीज करने की मांग रख दी। पुलिस ने इस तरह कार में बीयर की बोतलें लाए जाने को गैरकानूनी माना।
पुलिस ने बोतलें जब्त करते हुए आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। हंगामा रुकने के बाद महिलाएं फिर दुकान के आगे धरने पर बैठ गईं। उनका कहना है कि जब तक यह दुकान हटाई नहीं जाएगी, धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। रविवार को इस विरोध में कमल दुर्गापाल, दीपू बोरा, टीकम देवपा, लीलावती, हेमा जोशी, रेवती देवी, सुधा जोशी, हंसी सुयाल, आशा देवी आदि शामिल हुईं।