रामनगर (नैनीताल)। बाघ के आतंक से निजात दिलाने के लिए कानिया और उसके आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों ने कॉर्बेट कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि वन्यजीवों के हमले बढ़ रहे हैं और विभाग मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
जंगली जानवरों के आतंक से परेशान ग्रामीण घास मंडी से कॉर्बेट कार्यालय तक जुलूस निकालकर पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों ने कॉर्बेट कार्यालय पर धरना दिया और नारेबाजी कर सभा की। किसान संघर्ष समिति के संयोजक ललित उप्रेती ने कहा कि गांवों में जंगली जानवरों के हमले बढ़ते जा रहे हैं। खासकर बाघ और तेंदुए के घर तक पहुंचने से बच्चों से लेकर महिलाओं में दहशत का माहौल है। राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने कहा कि कॉर्बेट प्रशासन अपनी भूमिका सही तरीके से नहीं निभा रहा है। विभाग और ग्रामीणों के बीच बातचीत नहीं होने से असुरक्षा का भाव पैदा हो रहा है। यहां संजय मेहता, ललिता रावत, पूजा जोशी, सुमित लोहनी, आनंद नेगी, रोहित रोहिल्ला, तुलसी छिमवाल, मनीष कुमार आदि रहे।