हल्द्वानी। वेतन, स्थायी नियुक्ति समेत दस सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे उत्तराखंड मुक्त विवि के कर्मचारी शुक्रवार को उपस्थिति रजिस्टर गायब होने पर भड़क उठे। आक्रोशित कर्मचारियों ने कुलसचिव का घेराव किया। विवि प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद कर्मचारी एक बार फिर धरने पर बैठ गए।
विवि के कर्मचारी कई दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम शुक्रवार को भी धरना दे रहे थे। इस दौरान उपस्थिति रजिस्टर गायब होने से उनमें हड़कंप मच गया। इससे बौखलाए कर्मचारी कुलसचिव के पास जा धमके। रजिस्टर मिलने के बाद वह शांत हुए। इसके बाद सभी कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। कर्मचारियों ने बताया कि उपस्थिति के आधार पर उनका वेतन तय होता है।
धरना स्थल पर हुई सभा में पूनम खोलिया, दिनेश चंद्र, गोकुल भट्ट, दीपिका रैक्वाल, सुनीता भट्ट ने बताया कि वह लंबे समय वेतन सहित दस सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे है, लेकिन उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारी महंगाई के जमाने में भी कम वेतन पर काम करने को मजबूर हैं। इस मौके पर राजेेश आर्या, रेणू भट्ट, ऋतु बोरा, आकांक्षा रावत, दीपक पंत, वीरेंद्र बनौला, कमल पवार, अनिल पाल, पंकज बिष्ट, जगत बंगारी, राकेश पंत आदि मौजूद रहे।
न प्रवेश मिल पाया न किताबें
यूओयू में कर्मचारियों की हड़ताल का छात्र-छात्राओं पर बुरा असर पड़ रहा है। न तो उन्हें विवि से किताबें मिल रही हैं और न ही प्रवेश हो पा रहे हैं। शुक्रवार को दीपक रूवाली अपनी मामी और पिथौरागढ़ के देव प्रसाद अपनी पत्नी के लिए किताबें लाने आए थे। वहीं हल्द्वानी के दीपक बेलवाल बीसीए में प्रवेश और मानव बरगली दस्तावेज में नाम सुधारने आए थे। लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
जानकारी मिली है कि स्थायी नियुक्ति को लेकर आगामी 28 मार्च को इस मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई है। वहां से जो भी सरकार का निर्देश होगा उसका पालन किया जाएगा। उपनल और आउटसोर्स से तैनात कर्मचारियों का वेतन विवि नहीं बढ़ा सकता है। शासन के निर्देशानुसार कर्मचारियों को वेतन मिल रहा है।
पीडी पंत, कुलसचिव यूओयू।