दमन विरोधी संघर्ष समिति के बैनर तले पीरूमदारा पुलिस चौकी में लोगों ने एक दिवसीय धरना दिया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। उसके बाद चौकी इंचार्ज राजेश यादव के जरिए एसएसपी को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा कि मासूम पारस रावत की मौत से दुखी लोगों का आक्रोश उस समय भड़क गया जब पुलिस ने आरोपी डंपर चालक के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसके प्रति नरम रवैया अपनाया।
आक्रोशित लोगों की पुलिस से तीखी झड़प हुई। अब पुलिस कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। लोगों ने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई।
इस दौरान प्रभात ध्यानी, मुनीष कुमार, डीएस नेगी, कैसर राणा, मनमोहन अग्रवाल, ललित उप्रेती, महेश जोशी, अंजना, मनमोहन बिष्ट, शीला शर्मा, वीना देवी, मुन्नी रावत, तुलसी देवी, सुबोध चमोली, गोपाल सिंह, सुरेन्द्र रावत, राकेश चौहान, यशवंत सिंह, मनोरमा रावत, शशि रावत, कमला देवी आदि थे।
वहीं सीओ स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया मामले में किसी भी निर्दोषों को नही फंसाया जाएगा। पुलिस से झड़प से दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।