हल्द्वानी। चोरगलिया क्षेत्र को नंधौर नदी की बाढ़ से बचाने के लिए डीएम के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी है। योजना को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। इससे लोगों का सिंचाई और पेयजल का संकट भी दूर होगा।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता आनंद सिंह नेगी ने बताया कि चोरगलिया में बाढ़ सुरक्षा के स्थायी समाधान के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। योजना के तहत स्पर, जीआई वायर सेफ्टी वॉल का निर्माण किया जाना है।
इससे जहां भूकटाव रुकेगा वहीं आबादी वाले क्षेत्र को भी बाढ़ के खतरे से बचाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र के 10 गांवों की करीब आठ हजार की आबादी और 800 हेक्टेयर भूमि को बचाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा हर साल बाढ़ की भेंट चढ़ रही वन विभाग की भूमि को भी बचाया जा सकेगा। वन भूमि का करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्रफल बाढ़ की जद में है।
19.96 लाख की लागत से किया गया है डायवर्जन
हल्द्वानी। नंधौर नदी से भूकटाव रोकने के लिए डीएम ने जिला खनिज न्यास से 19.96 लाख रुपये दिए हैं। सिंचाई विभाग ने धनराशि से नंधौर नदी के पानी का देवहा और कैलाश नदी में डायवर्जन कर क्षेत्रवासियों को बाढ़ के खतरे से तात्कालिक राहत दी है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता आनंद सिंह नेगी ने बताया कि जिला खनिज न्यास से मिली धनराशि से नंधौर के वेग को कम करने और क्षेत्र की कृषि भूमि को बचाने के लिए डायवर्जन किया गया है। फिलहाल इससे राहत मिली है। इस बरसात में क्षेत्र को नुकसान से बचाया जा सका है।