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कहीं प्रस्ताव अटका रह जाए और नैनीताल बैठ जाए

Fri, 27 Mar 2015 01:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
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बलिया नाला नैनीताल शहर के लिए खतरा बना हुआ है। नाले से भू-कटाव रोकने के लिए सरकार की ओर से कोई कारगर कदम अभी तक नहीं उठाए गए हैं। एक साल से बलिया नाले से भू-कटाव रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा भेजा गया प्रस्ताव सरकारी फाइलों की धूल फांक रहा है। बलिया नाले से हो रहा भू-कटाव नैनीताल की सुरक्षा के लिए संवेदनशील मामला है। इस ओर जल्द ही इंतजाम नहीं किए गए तो बरसात में नैनीताल के बड़े हिस्से को नुकसान हो सकता है।
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बरसात में बलिया नाला उफान पर रहता है। बलिया नाले से नैनीताल के जीआईसी और आसपास के इलाके में पिछली बार भू-कटाव होने से काफी नुकसान हुआ था। सिंचाई विभाग ने भू-कटाव से सुरक्षा को लेकर 41 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा है, लेकिन आज तक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। सिंचाई विभाग के सूत्रों के मुताबिक बलिया नाला और भूमियाधार में भू-कटाव रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने क्रमश: 41 करोड़ और 6.84 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा है। योजना को नाबार्ड से स्वीकृति मिलनी है। बलिया नाले का प्रस्ताव पिछले एक साल से अधिक समय से शासन में लटका है। मंजूरी नहीं मिलने से जहां सुरक्षा दीवार नहीं लग पाई है, वहीं इस बरसात में नाले के उफनाने से और अधिक नुकसान होने की संभावना है।


बलिया नाले के गौला में मिलान तक करीब सात किमी क्षेत्रफल में नैनीताल से सटे करीब तीन किमी क्षेत्रफल में काफी नुकसान हुआ है। इसका कुछ हिस्सा लोनिवि की देखरेख में है। इसके अलावा नैनी झील में 64 नाले आते हैं। झील के नालों की सफाई का जिम्मा लोनिवि के पास है। बलिया नाले की सुरक्षा के लिए पूरा काम सिंचाई विभाग को सौंपने के लिए उच्चस्तर पर बातचीत चल रही है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते की सुरक्षा का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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- ब्रिजेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड नैनीताल।
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