बुधवार को जिलाधिकारी दीपक रावत ने कोतवाली और तहसील का वार्षिक निरीक्षण किया। उन्होंने उपकोषागार एवं सब रजिस्ट्रार कार्यालय भी देखा। साथ ही सब रजिस्ट्रार कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने वन ग्रामीणों की समस्याओं के मांगपत्र को शासन को भेजने की बात कही।
तहसील के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका, दैवीय आपदा पंजिका, नजूल भूमि, डाक प्रेषण रजिस्टर, आरसी पंजिका, वर्गचार, भू-अभिलेख, कंप्यूटरीकरण रजिस्टर, राजस्व वसूली, सम्मन पंजिका एवं जनाधार केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जनता को आय, जाति आदि प्रमाणपत्र नियत तिथि तक निर्धारित समय के अंतर्गत अनिवार्य रूप से दिए जाएं। उन्होंने दैवीय आपदा में तहसील को मिली राशि, खाता पासबुक, अरायजनवीश, स्टाप, वेंडरों के दस्तावेज देखे।
इस दौरान दस्तावेज लेखक शंकर सिंह मनराल, जो अपना कार्य तहसील परिसर से बाहर दुकान में करते हैं, के पास लगभग 2 लाख के स्टांप बरामद हुए। इसी के साथ ही कुछ बैनामे ऐसे प्राप्त हुए, जिनमें शपथकर्ता के हस्ताक्षर किए बिना नोटरी द्वारा नोटरी की गई थी। उन्होंने इसको अनियमितता बताते हुए दस्तावेज लेखक एवं नोटरी दोनों का स्पष्टीकरण मांगने के एसडीएम को निर्देश दिए।
तहसील में धरने पर बैठे वन ग्राम संघर्ष समिति ने वार्ता की। संघर्ष समिति ने जिलाधिकारी से कहा कि रामनगर क्षेत्र के वन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित किया जाए। वन ग्राम वासियों के प्रमाण-पत्र भी नहीं बन पा रहे है, जिस पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि शीघ्र इनके प्रमाण-पत्र बनाए जाएंगे।
श्री रावत ने उपकोषागार निरीक्षण के दौरान ई-बिलिंग का कंप्यूटर के साथ ही उपस्थिति पंजिका, कंप्यूटर पंजिका, बिलिंग पंजिका एवं अन्य पंजिकाओं को भी देखा। इस दौरान एसडीएम एसएस जंगपांगी, एटीओ नीता साह, तहसीलदार नंदन राम आदि थे।
कोतवाली भी पहुंचे डीएम
कोतवाली पहुंचे डीएम ने शस्त्रगृह का निरीक्षण कर हथियारों के बारे में जानकारी ली। कहा कि कितने लोग आशू गैस गन चला सकते हैं। इस पर अधिकारी बगले झांकने लगे। डीएम ने कहा कि अगर 400 लोग कोतवाली आ गए तो उनसे कैसे निपटोगे। तब कोतवाल कैलाश पंवार ने पिन बम दिखाया। इसके बाद डीएम ने माल गोदाम का निरीक्षण कर जब्ती माल का रजिस्टर से मिलान किया। उन्होंने जब्त पड़ी गाड़ियों का भी जल्द निस्तारण करने की बात कही। इस दौरान सीओ मिथिलेश कुमार, एडीएम एसएस जंगपांगी, कोतवाल कैलाश पंवार, तहसीलदार एनआर आर्या आदि थे।
शहर में डीएम, अतिक्रमणकारी नदारद
शहर में नगरपालिका की नाक के नीचे पूरा फुटपाथ रोज अतिक्रमणकारी दुकानदाराें के कब्जे में रहता है। बुधवार को डीएम के वार्षिक निरीक्षण की खबर जब इन अतिक्रमणकारी दुकानदारों को हुई तो उन्होंने सुबह से ही अपनी दुकानें नहीं लगाई। डीएम के देर रात तक निरीक्षण के चलते पुलिस भी वाहनों को मेन रोड पर खड़े नहीं होने दे रही थी। लोगों का कहना था कि यदि डीएम साहब अक्सर शहर में आएं तो अतिक्रमणकारियों से निजात मिल जाएगी।