पीरूमदारा में अतिक्रमण हटाने को लेकर व्यापारी एक बार फिर मुखर हो गए हैं। 15 अक्तूबर को अतिक्रमण हटाने की मुनादी बाजार में करा दी है।
अतिक्रमण हटने की सूचना से व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त है। व्यापारियों ने बैठक कर बृहस्पतिवार को पीरूमदारा बाजार बंद कर अतिक्रमण हटाने का पुरजोर विरोध का ऐलान किया है।
बैठक में व्यापारी नेता सुरेश पाल ने कहा कि एनएच विभाग हाईकोर्ट के आदेश में जहां एक व्यक्ति को फायदा पहुंचा रहा है, वहीं 70-80 व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
दीपक बंदुनी ने कहा कि हाईकोर्ट ने 26 अगस्त 2015 को आदेश दिया था कि सभी व्यापारी एनएच विभाग को अपनी आपत्ति दे सकते हैं।
आदेश का पालन करते हुए उन्होंने आपत्ति पत्र पेश किया, लेकिन एनएच विभाग ने कोई जवाब नहीं दिया। जो कि हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना है।
वहीं, युवा व्यापारी राजेश पाल ने बताया कि उन्होंने 27 अगस्त को बाजार बंद कर चिन्हीकरण सही करने, भूमि के अभिलेख प्रस्तुत करने की मांग रखी थी, लेकिन आज तक उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
और अब एनएच ने 14 अक्तूबर को लाउडस्पीकर से 15 अक्टूबर को अतिक्रमण हटाने, तोड़ने की मुनादी करा दी है। उन्होंने बताया मनमानी के विरोध में व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर कार्रवाई का विरोध करेंगे।
इस दौरान यदि किसी व्यापारी को कोई जान माल की हानि हुई तो उसका पूर्ण जिम्मेदार प्रशासन होगा। बैठक में रवि थापा, दीपक पाल, विरेंद्र अग्रवाल, लाखन सिंह, लखवीर सिंह, महबूब आलम, राकेश पाल, नरेश पाल, हरभजन सिंह, रमेश रावत, कमल पाल, नरेंद्र पाल, मनोज पाल, कैलाश, अकरम, रामकुमार, विशाल, लोकमन, हरि सिंह, कमर रजा, राजू सैनी, नरेंद्र रावत, जगत सिंह, बृजेश पाल आदि मौजूद रहे।
इधर, एसडीएम सीएम मर्तोलिया ने बताया कि पहले यह अभियान 14 अक्तूबर को होना था, लेकिन फोर्स के बिंदुखत्ता (लालकुआं) जाने के कारण कार्रवाई नहीं की जा सकी। लिहाजा यह अभियान अब 15 अक्तूबर को चलेगा।