हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल में विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस पार्टी भाजपा पर भारी रही है। वर्ष-2002 से कुमाऊं मंडल में सात सीटों पर उप चुनाव हो चुके हैं। इन उप चुनावों में चार सीटों पर कांग्रेस और तीन सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी जीते थे। इन उपचुनावों में तत्कालीन तीन सीएम भी मैदान में उतरे थे।
वर्ष 2002 में कुमाऊं में पहली बार रामनगर सीट पर उप चुनाव हुआ था। रामनगर सीट से विधायक रहे योगम्बर सिंह रावत ने तत्कालीन सीएम एनडी तिवारी के लिए सीट छोड़ी थी। इस सीट पर सीएम तिवारी ने भाजपा प्रत्याशी एडवोकेट राम सिंह बिष्ट को 23220 वोटों से हराया था।
बाद में योगम्बर सिंह को वन विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद वर्ष 2004 में कपकोट सीट पर उप चुनाव हुआ था। यह सीट भगत सिंह कोश्यारी के राज्यसभा में जाने के कारण खाली हुई थी। इस सीट पर भाजपा के शेर सिंह गढ़िया ने कांग्रेस के चामू सिंह गस्याल को हराया था।
वर्ष 2012 में सितारगंज सीट पर उप चुनाव हुआ था। तत्कालीन सीएम विजय बहुगुणा कांग्रेस से मैदान में उतरे थे, जबकि भाजपा से प्रकाश पंत चुनाव में उतरे थे। इस चुनाव में बहुगुणा ने शानदार जीत हासिल की थी। उन्हें 53766 वोट मिले थे, जबकि प्रकाश पंत को 13812 वोट मिले थे।
वर्ष 2014 में कुमाऊं में दो विधानसभा सीटों सोमेश्वर और धारचूला में उपचुनाव हुए थे। धारचूला सीट पर तत्कालीन सीएम हरीश रावत मैदान में उतरे थे। यह सीट कांग्रेस के विधायक हरीश धामी ने खाली की थी। हरीश रावत ने भाजपा के विष्णुदत्त को हराया था।
कांग्रेस प्रत्याशी को 31214 और भाजपा प्रत्याशी को 10610 वोट मिले थे। सोमेश्वर सीट पर हुए उप चुनाव में कांग्रेस टिकट पर रेखा आर्या चुनाव में उतरीं थीं, उन्होंने भाजपा के मोहन राम को हराया था। रेखा आर्या को 23230 वोट मिल थे, जबकि मोहन राम आर्या को 13193 वोट मिले थे।
पिथौरागढ़ सीट पर वर्ष 2019 में उप चुनाव हुआ था। इस चुनाव में भाजपा की चंद्रा पंत ने कांग्रेस की अंजू लुंठी को हराया था। चंद्रा पंत को 26086 वोट मिले थे, जबकि अंजू को 22819 वोट मिल थे।
वर्ष 2021 में सल्ट सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा के महेश जीना ने जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस की गंगा पंचोली को हराया था। महेश जीना को 21874 और गंगा पंचोली को 17177 वोट मिले थे।