हज के सफर पर गए उत्तराखंड के लोग खुद को खुशनसीब मान रहे हैं, उन्हें मस्जिदे नबवी में दूसरे जुमे की नमाज अदा करने का मौका जो मिल गया है। क्योंकि मदीना शरीफ में हज यात्री केवल आठ दिन ही ठहरते हैं।
उसके बाद का सफर वह मक्का मुकर्रमा में पूरा करते हैं। शनिवार की सुबह वे मक्का के लिए रवाना हो जाएंगे।
बीती 11 अगस्त (बृस्पतिवार) को उत्तराखंड के यात्री मदीना मुनव्वरा पहुंचे। वहां उन्होंने मगरिब की नमाज अदा गई। उसके अगले दिन 12 अगस्त (शुक्रवार) को जुमे की नमाज मस्जिदे नबवी में पढ़ी।
मदीना में आठ दिन तक 40 नमाजें पढ़नी जरूरी हैं, जिसमें हाजियों को एक जुमा पढ़ने का मौका मिलता है, लेकिन उत्तराखंड के लोगों को वहां दूसरा जुमा पढ़ने का भी मौका मिल गया।
वहां के नजारे का जिक्र करते हुए उजाला नगर निवासी मोहम्मद असलम ने फोन पर बताया कि चारों ओर नूरानी माहौल है। प्रदेश के करीब 400 हज यात्रियों को होटल बुस्तान में ठहराया गया है, जो मस्जिदे नबवी के गेट नंबर 42 से मात्र 200 मीटर की दूरी पर है।
शनिवार को फजिर की नमाज के बाद वे बस से मक्का के लिए रवाना हो जाएंगे। 350 किमी का सफर चार घंटे में पूरा करेंगे। रास्ते में मिकात में कुछ देर रुककर उमरे के लिए एहराम बांधेंगे। उसके बाद मक्का पहुंचकर उमरा और तवाफ करेंगे।
हज कमेटी के नैनीताल जिलाध्यक्ष जमीर अहमद ने बताया कि सभी यात्री सकुशल हैं। सभी यात्री व्हाट्स-एप के ग्रुप में एक-दूसरे से जुड़े हैं। कहीं किसी तरह की परेशानी नहीं है। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की खास मस्जिद में दो जुमे की नमाज पढ़ना वाकई खुशनसीबी है।