एनएच को अप्रैल से पिथौरागढ़-टनकपुर मार्ग की जिम्मेदारी संभालनी है। इसे लेकर एनएच ने तैयारी तेज कर दी है। साथ ही मार्ग निर्माण कार्य के लिए पचास करोड़ का प्रस्ताव केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय को भेजा है।
बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन (बीआरओ) को टनकपुर-पिथौरागढ़ निर्माण का जिम्मा दिया गया। करीब 154 किमी के निर्माण काम में लापरवाही और देरी को लेकर पिछले साल लोगों ने मोर्चा खोला दिया और दो अगस्त को महाबंद किया। बढ़ते आक्रोश के बाद तय हुआ कि इस मार्ग को बनाने की जिम्मेदारी बीआरओ से हटाकर एनएच को सौंप दी जाए। अब अप्रैल से सड़क बनाने की जिम्मेदारी एनएच को संभालनी है।
इसे लेकर एनएच ने तैयारी तेज कर दी है। एनएच अधिकारियों ने मार्ग का निरीक्षण पूरा कर लिया है। इसके अलावा बीआरओ से हस्तांतरण के संबंध में वार्ता भी हो चुकी है। अब निर्माण कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है। अधीक्षण अभियंता एससी जोशी ने बताया कि पहले चरण में विभिन्न कार्यों के करीब पचास करोड़ से कार्य का प्रस्ताव तैयार कर मंत्रालय को भेजा गया है। जल्द ही अनुमति मिलने की संभावना है। कार्य में देरी न हो, इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
रेस्ट हाउस भी देगा बीआरओ
बीआरओ ने सड़क निर्माण के दौरान अफसरों के अस्थायी तौर पर ठहरने के लिए कई जगह रेस्ट हाउस बनाए हैं, जहां से वह कार्य का निरीक्षण कर सकेंगे। एनएच अफसरों के मुताबिक इसमें से कुछ रेस्ट हाउस भी बीआरओ देने को तैयार हो गया है।