रामनगर/कालाढूंगी (नैनीताल)। कोटाबाग ब्लॉक के अमतोली गांव के ग्राम प्रधान जगदीश चंद्र सती की मंगलवार देर रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव घर से कुछ दूरी पर पड़ा मिला। मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। राजस्व विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पटवारी ओपी आर्या के अनुसार ग्रामीणों की सूचना के आधार पर वह बुधवार की सुबह गांव में पहुंचे। प्रधान जगदीश चंद्र सती के बड़े भाई दयाल चंद्र सती ने उन्हें बताया कि वह दिल्ली में रहते हैं। मंगलवार रात उनकी मां विमला सती पशुओं को चारा देने गई थीं और छोटा भाई नरेश चंद्र सती पड़ोस में किसी के घर पढ़ाई करने गया था। रात जब सभी लौटकर आए तो जगदीश के न पहुंचने पर चिंता हुई। रात पौने 11 बजे घर से कुछ दूरी पर जगदीश का शव पड़ा मिला। चाचा शव को उठाकर घर ले आए।
उठ रहे हैं कई सवाल
कालाढूंी। 30 वर्षीय प्रधान जगदीश चंद्र सती अब तक अविवाहित थे। उनकी मौत पर कई सवाल उठ रहे हैं। स्वाभाविक मौत, आत्महत्या या हत्या की गुत्थी राजस्व पुलिस सुलझा नहीं पाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही जा रही है। पटवारी ओपी आर्या का कहना है शरीर में कोई गंभीर चोट के निशान नहीं हैं। मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। अभी तक राजस्व विभाग के पास कोई तहरीर नहीं आई है। विभाग मामले की जांच कर रहा है।
परिजन यदि ग्राम प्रधान की हत्या को लेकर कोई आशंका जताते हैं तो ग्राम प्रधान संगठन उनके साथ है। जरूरत पड़ी तो संगठन डीएम से मिलकर मामला राजस्व पुलिस से हटाकर सिविल पुलिस में ट्रांसफर करने की अपील करेगा।
- हीरा बल्लभ बधानी, अध्यक्ष ग्राम प्रधान संगठन कोटाबाग।